रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार के साथ में रुड़की से इरफान अहमद की रिपोर्ट


स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कई नियम 1अक्टूबर से बदलने जा रहे हैं। यह नियम आपके रोजाना बैंक के लेन देन से जुड़े हैं। 1अक्टूबर से एनईएफटी, आरटीजीएस, मंथली मिनिमम बैलेंस, फ्री ट्रांजेक्शन समेत 5 नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। यहां तक कि अब से एसबीआई ग्राहक एक सीमा के बाद अपने एसबीआई अकाउंट में मुफ्त पैसे भी जमा नहीं कर पाएंगे।  ऐसे में अगर आप भी एसबीआई ग्राहक तो नियम जरूर जानें जो 1 अक्टूबर से पूरे देश में लागू होने जा रहे हैं।
1 अक्टूबर से शहरों में मिनिमम बैलेंस को 5000 से घटाकर 3000 रुपये कर दिया जाएगा। वहीं सेमी अर्बन ब्रांच में में ग्राहकों को 2000 रुपये और रूरल ब्रांच में 1000 रुपये मिनिमम बैलेंस का एवरेज मेंटेन करना होगा।
एक अक्टूबर से बैंक के ग्राहक एक महीने में अपने खाते में केवल तीन बार ही रुपये जमा कर पाएंगे। चौथी बार या उससे ज्यादा बार रुपये जमा कराने पर हर ट्रांजेक्शन पर 50 रुपए प्लस 12 फीसदी जीएसटी का चार्ज देना होगा।
अगर आप सेविंग बैंक अकाउंट होल्डर हैं तो 1 अक्टूबर से आपको 10 चेक फ्री मिलेंगे। इसके बाद 10 चेक वाली चेकबुक 40 रुपये$जीएसटी और 25 चेक वाली चेकबुक के लिए 75 रुपये$जीएसटी वसूला जाएगा। इसके अलावा अगर कोई चेक बाउंस होने के अलावा किसी तकनीकी के कारण लौटता है तो चेक जारी करने वाले को 150 रुपये प्लस जीएसटी का चार्ज देना है।
नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) के शुल्क में भी बदलाव किया जाएगा। 10,000 रुपये तक का एनईएफटी लेनदेन पर 2 रुपये प्लस जीएसटी और 2 लाख से ज्यादा रकम का एनईएफटी करने पर 20 रुपये पर प्लस जीएसटी देना होगा। वहीं आरटीजीएस से 2 लाख से 5 लाख तक रुपये की ट्रांजेक्शन पर 20 रुपये प्लस जीएसटी देना होगा और 5 लाख रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर 40 रुपये प्लस जीएसटी देना होगा।
1 अक्टूबर से मेट्रो शहरों के एसबीआई एटीएम में से ज्यादा से ज्यादा 10 बार फ्री डेबिट ट्रांजेक्शन किया जा सकेगा। वहीं दूसरी जगहो पर 12 फ्री ट्रांजेक्शन की जा सकेगी। अभी यह लिमिट 6 ट्रांजेक्शन की ही है।
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