रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार 

                      उसके संबंध में जांच कार्यवाही के संबंध में जानकारी लिया गया तो यह बताया गया कि उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27 (1) एवं 28 (1)के अंतर्गत दिनांक 15 नवंबर 2018 को सुनवाई तिथि नियत करते हुए दिनांक 3 नवंबर 2018 को कार्यवाही की गई थी तथा दिनांक 3 नवंबर 2018 को थाना नैनी को भी पत्र जारी करके भेजा गया था,वीरेंद्र एंटी करप्शन कमेटी के वीरेंद्र कुमार मिश्र मीडिया प्रभारी प्रयागराज के द्वारा कार्यवाही के संबंध में बात किया गया और कार्यवाही के लिए कहा गया कि यदि आपके यहां से लिखित तौर पर कार्यवाही की गई तो अब तक में उसका मकान सील क्यों नहीं किया गया तब विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी श्री आलोक कुमार पांडे प्रयागराज विकास प्राधिकरण के द्वारा पत्रांक संख्या 77 दिनांक 2 अगस्त 2019 को थाना नैनी को पत्र जारी कर भेजा गया की  निर्माण स्थल से निर्माणकर्ता तथा उसके सहयोगियों और मजदूरों को 2 दिन के अंदर हटाकर अधोहस्ताक्षरी को सूचित करें जिससे स्थल पर अनाधिकृत निर्माण कार्य ना हो सके,जिसकी सूचना वीरेंद्र कुमार मिश्र द्वारा जन सूचना अधिकार के तहत दिनांक 6 अगस्त 2019 को विकास प्राधिकरण जन सूचना अधिकारी के यहां से सूचना मांगी गई है परंतु अभी तक जांच कार्यवाही की सूचना  की सत्यापित प्रति दी गई हैऐसा पत्र विकास प्राधिकरण के आला अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा जारी किया जाता है  ऐसे कई मामले विकास प्राधिकरण के द्वारा किए गए हैं जो घोर अनियमितता के प्रतीक है, 2 अगस्त 2019 को पत्र जारी किए जाने के बाद ना तो विकास प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा मकान को सील ही किया गया बल्कि विकास प्राधिकरण के आला अधिकारियों एवं कर्मचारियों व थाना नैनी थाना के पुलिस कर्मियों के बल पर धड़ल्ले से 18अगस्त 2019 को तीसरे मंजिले का स्लैब छत ढलाई करवा दिया गया जो बहुत ही गलत है ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध में दंडात्मक कार्यवाही त्वरित कार्यवाही किया जाना विभागीय कार्यवाही किया जाना नितांत आवश्यक होगा साथ ही साथ गुरु शंकर मिश्रा मकान नंबर 20 न्यू मानस नगर नैनी प्रयागराज के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही किया जाए जो जनहित में होगा ताकि भविष्य में ऐसी गलती कोई भी अधिकारी व कर्मचारी ना कर सके
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