रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार       


                         आज के महोत्सव में भरत की ननिहाल से वापसी का मंचन किया गया। श्रीदाऊदयाल एकता मंडल वृंदावन के प्रसिद्ध व्यास पूरण चन्द शर्मा ने इस दृश्य का मंचन बहुत ही मार्मिक तरीके से किया। भरत जब ननिहाल से अयोध्या में वापस आए और उन्हें श्री राम के वनवास का पता लगा तो वह अत्यंत शोकाकुल हो गए। भरत अपनी माता कैकेयी पर अत्यंत क्रोधित हुए तथा यह सोच सोच कर शोकाकुल हो गए कि उनके कारण उनके भ्राता श्री राम को वनवास जाना पड़ा। भरत तुरंत ही प्रभु श्री राम की तलाश में वन के लिए चल पड़े। इसके पश्चात झांकी चित्रकूट का मंचन किया गया। भरत जब प्रभु श्री राम को ढूंढने के लिए वन में गए तो उनका निषादराज से संवाद हुआ। इस संवाद का मंचन अत्यंत सुंदर रूप में किया गया। भरत जब वन में पहुंचकर प्रभु श्रीराम से मिले तो भरत मिलाप का दृश्य देखते हुए दर्शकों की आंखों में आंसू आ गए। इस करुण दृश्य को देखते हुए सभी भक्तगण रो पड़े।  इसके बाद अनुसूया लीला का मंचन भी बहुत सुंदर रूप में किया गया। आज के लीला मंचन में मुदित गर्ग, सत्यपाल सिंह चौहान, दीपक शुक्ला, सतीश सैनी, प्रवीण भारद्वाज, अशोक त्यागी, आशीष शर्मा, देवेंद्र वर्मा, सौरभ कौशिक, गोविंद शुक्ला, अशोक चंचरा, सुनील शर्मा, नवीन अरोड़ा, दिनेश शर्मा, अनुराग गुप्ता, जसवंत, सुरेंद्र जेठी, वीरेंद्र मौर्य, संजय गुप्ता, सचिन त्यागी, मनोज गर्ग, प्रशांत राणा, मुकेश कुच्छल, डॉक्टर विजय वर्मा, विजय गुप्ता, ध्रुव गर्ग, संजय शर्मा, सुशील नागवान, सौरभ चौहान, वीरेंद्र मौर्य, सचिन त्यागी, सुमित कश्यप, अभिमन्यु, पुनीत गोयल, संजय शर्मा, आकाश राणा, संदीप राणा, अतुल धीमान, नितिन त्यागी, कमलेश राणा, अमित त्यागी, शिव गुप्ता, आनंद शर्मा आदि सहित भारी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।

सुमित कुमार भारद्वाज
मीडिया प्रभारी
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