रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार के साथ में रुड़की से इरफान अहमद की रिपोर्ट 9410563684


मुंबई, एएनआइ/ब्‍यूरो। Maharashtra Govt Formation भाजपा ने महाराष्‍ट्र में शिवसेना के 50-50 फॉर्मूले पर बिल्‍कुल साफ कर दिया है कि वह राज्‍य में मुख्‍यमंत्री का पद साझा नहीं करेगी। भाजपा नेता एवं महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra CM Devendra Fadnavis) ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने इस बात की पुष्टि की है कि शिवसेना के साथ मुख्‍यमंत्री पद साझा करने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। यही नहीं उन्‍होंने भाजपा को 10 निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलने का दावा भी किया। फडणवीस के इस बयान पर शिवसेना ने पलटवार किया है।

श‍िवसेना ने नहीं की ऐसी मांग

महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी साफ कर दिया कि सरकार गठन को लेकर शिवसेना की ओर से अभी तक कोई मांग नहीं की गई है। यदि शिवसेना ने कोई मांग रखी तो हम उस पर मेरिट के आधार पर फैसला लेंगे। उन्‍होंने यह भी कहा कि भाजपा अगले पांच साल तक महायुति (गठबंधन) की स्थिर और मजबूत सरकार का नेतृत्व करेगी। हमें 10 नि‍र्दलीय वि‍धायकों ने समर्थन दिया है। हमें उम्‍मीद है कि और पांच निर्दलीय विधायक हमारा समर्थन करेंगे।

50-50 का फॉर्मूले पर नहीं हुआ फैसला

फडणवीस ने कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान शिवसेना ने राज्‍य में मुख्‍यमंत्री पद को लेकर 50-50 का फॉर्मूला दिया था लेकिन मेरी जानकारी में इस पर कोई फैसला नहीं किया गया। उन्‍होंने यह भी कहा कि बाकी इस मामले में अमित शाह और उद्धव ठाकरे जी को ही पता है। वे ही इस मामले में कोई फैसला कर सकते हैं। मुख्‍यमंत्री के इस बयान के सामने आते ही शिवसेना ने पलटवार किया।

शाह के सामने हुई 50-50 पर बात

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि मैं नहीं जानता कि मुख्‍यमंत्री फडणवीस ने क्‍या कहा है। यदि वह कह रहे हैं कि 50-50 फॉर्मूले पर कभी बात नहीं हुई है तो मैं समझता हूं कि हमें सच्‍चाई की परिभाषा बदल देनी चाहिए। हमारे बीच क्‍या बातें हुई थीं सभी को पता है। मुख्‍यमंत्री ने भी 50-50 फॉर्मूले पर बयान दिया था, उद्धव जी भी इस मामले में अपनी बात कही थी। सभी बातें अमित शाह जी के सामने हुई थीं। अब अगर वह कहते हैं कि ऐसी कोई बात नहीं हुई तो मैं प्रणाम करता हूं ऐसी बातों को...

शिवसेना के 45 एमएलए सीएम के संपर्क में

इस बीच, भाजपा सांसद संजय काकड़े ने कहा है कि शिवसेना के 45 नवनिर्वाचित विधायक मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के संपर्क में हैं। ये विधायक चाहते हैं कि महाराष्‍ट्र में गठबंधन सरकार बने। उन्‍होंने यह भी कहा कि मुझे लगता है कि इन 45 विधायकों में से कुछ उद्धव ठाकरे को मना लेंगे और देवेंद्र फडणवीस के साथ सरकार बना लेंगे। मुझे नहीं लगता कि इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प है। इस बयान के सामने आते ही भाजपा नेता प्रसाद लाड ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद सियासी सरगर्मी और बढ़ गई है।

नहीं झुकेगी भाजपा

सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र में भाजपा अपनी सहयोगी शिवसेना की दबाव की राजनीति के सामने नहीं झुकेगी। सूत्रों ने बताया कि एक संभावना यह भी है कि भाजपा अपनी सहयोगी शिवसेना को उपमुख्यमंत्री पद जरूर दे सकती है। यही नहीं केंद्र में उसकी हिस्सेदारी को भी बढ़ाया जा सकता है। शिवसेना ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर अड़ी हुई है। माना जा रहा है कि अमित शाह की पहल से दोनों दलों में 1995 के फॉर्मूले पर बात बन जाएगी। इस फॉर्मूले के अनुसार, सीटें पाने वाले दल का मुख्यमंत्री और कम सीटें पाने वाले दल का उपमुख्यमंत्री बना था।

दबाव बनाने की रणनीति पर शिवसेना

शिवसेना ने भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति पर अमल जारी रखा है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे कह चुके हैं कि यदि ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पर भाजपा सहमत नहीं बनी तो उनके पास दूसरे विकल्प भी हैं। शिवसेना के दूसरे नेता भी भाजपा पर दबाव बनाने में लगे हुए हैं। यही वजह है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद NDA की सरकार बनने की राह आसान नहीं दिखाई दे रही है।

महाराष्‍ट्र में कोई दुष्यंत (Dushyant) नहीं

राज्‍य में सरकार बनाने की कवायदों के बीच शिवसेना नेता Sanjay Raut ने मंगलवार को भाजपा पर तंज कसते हुए कहा था कि महाराष्‍ट्र में कोई दुष्यंत (Dushyant) नहीं हैं, जिनके पिता जेल में हों... यहां हम हैं, जो 'धर्म और सत्य' की राजनीति करते हैं। उन्‍होंने यह भी कहा था कि शरद जी (Sharad ji) जिन्होंने भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाया है वह कभी भाजपा के साथ नहीं जाएंगे।

फडणवीस के नेतृत्व में ही बनेगी सरकार

राउत ने भाजपा को साथ छोड़ने की धमकी वाले अंदाज में कहा कि उद्धव ठाकरे जी (Uddhav Thackeray) ने कहा है कि हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं, लेकिन हम उसे स्वीकार नहीं करना चाहते हैं। शिवसेना ने शुरू से ही सच्चाई की सियासत की है। हम सत्ता के भूखे नहीं हैं। दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे दावा कर चुके हैं कि महाराष्‍ट्र में सरकार देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में ही बनेगी।

शाह और उद्धव के फैसले पर नजरें

महाराष्‍ट्र में पिछली विधानसभा का कार्यकाल आठ नवंबर को खत्‍म हो रहा है। इससे पहले नई सरकार का गठन होना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कल सोमवार को राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मुलाकात करके उन्हें मौजूदा राजनीतिक हालात से अवगत कराया था। यही नहीं शिवसेना के वरिष्ठ नेता दिवाकर राउत ने भी उनसे मुलाकात की थी। ऐसे वक्‍त में जब दोनों सहयोगी दलों में सरकार गठन को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है, नजरें भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह पर जाकर टिक गई हैं। माना जा रहा है कि यदि अमित शाह के साथ शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की बातचीत हुई तो सरकार बनाने पर सहमति बनते देर नहीं लगेगी
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