(गुलफाम अली)                         गाजियाबाद। जिला एमएमजी अस्पताल में मंगलवार को आशा कार्यकतार्ओं के नए बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 दिसंबर तक चलेगा। प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकतार्ओं को गर्भवती महिलाओं और शिशुओं की देखभाल की ट्रेनिंग दी जा रही है। डिप्टी क्वालिटी प्रोग्रामर और इस कार्यक्रम के ट्रेनर सप्तरिषी कश्यप ने बताया नए बैच में 29 आशा कार्यकतार्ओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। यह कार्यकर्ता शहरी क्षेत्र में काम करेंगी। गाजियाबाद में शहरी क्षेत्र में अब तक 187 आशा कार्यकतार्एं काम कर रही थीं। अब इनकी संख्या बढ़कर 216 हो जाएगी। डा. पवन कुमारी ने आशा कार्यकतार्ओं को बीमारियों के लक्षण और गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के टीकाकरण के बारे में जानकारी दी।

आशा प्रशिक्षण कार्यक्रम में आशाओं को बताया गया वह कैसें घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं को शिशुओं की देखभाल करेंगी।स्तनपान को लेकर चली आ रही भ्रांतियों को कैसे दूर किया जाए, इसकी जानकारी भी आशा कार्यकतार्ओं को दी जा रही है। प्रसव के बाद पहला दूध शिशु के लिए टीके के समान होता है, यह शिशुओं की बीमारियों से रक्षा करता है, इसकी भी जानकारी दी गई और प्रसव के बाद मां का पहला पीला और गाढ़ा दूध शिशु को ?पिलाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया। इतना ही नहीं आशा कार्यकतार्ओं को गैर संचारी रोगों की रोकथाम के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वह घर-घर जाकर गंभीर रोगों की लक्षणों के आधार पर पहचान कर उन्हें चिन्हित कर सकें और बीमारी के गंभीर अवस्था में पहुंचने से पहले ही उपचार शुरू कराया जा सके। जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुराग भारती ने बताया कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लक्षणों के आधार पर संभावित मरीजों को चिन्हित करेंगी। 30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं और पुरूषों से सीबैक फार्म भरवाएंगी और सभी का फैमिली फोल्डर फार्म भरवाएंगी। प्रशिक्षण के दौरान डीसीपीएम मनोज कुमार और स्वयं सेवी संस्था से रेनू मौजूद रहीं।


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