गाजियाबाद। नेहरू वर्ल्ड स्कूल ने वाद विवाद कौशल कार्यशाला व प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का प्रारूप विश्वस्तरीय वाद विवाद प्रतियोगिता का था, जिसमें विभिन्न टीमों के बीच में तर्क वितर्क के लिए गतिशीलता बनी रहती है। स्कूल की हैड टीचर सुसन होम्स ने प्रतिभागी स्कूलों व निर्णायक मंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम को करने का मुख्य उददेश्य छात्रों में अपने विचारों को स्पष्टता से रखने व असमर्थित विचारों का विरोध करने की योग्यता व अवसर मिल सके। इसके द्वारा छात्र विभिन्न मुद्दों व विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने के कौशल का विकास कर सकेंगे। साथ ही उन्होंने श्रोताओं के विषय में कहा कि श्रोतागण की जागरुकता बहुत महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला के आयोजन का आरम्भ चन्द्रादित्य राज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक होने के साथ-साथ आवाज संस्था के सह संस्थापक हैं। प्रतियोगिता के नियम के साथ एक अच्छे तर्ककर्ता के गुण भी बताए। कार्यशाला द्वारा  छात्र अपने तर्क कौशल को विकसित करने के नए तरीके से परिचित हुए। आज के निर्णायक मंडल में चन्द्रादित्य राज के साथ अमिल भटनागर थे। कार्यक्रम में कुल 6 टीमों ने भाग लिया। नेहरू वर्ल्ड स्कूल, डीपीएसजी, उत्तम स्कूल फॉर गर्ल्स व सिल्वर लाइन पै्रस्टीज स्कूल, सनवैली इंटरनेशनल स्कूल, परिवर्तन स्कूल आदि स्कूल शामिल रहे। कार्यक्रम के श्रेष्ठ वक्ता नेहरू वर्ल्ड स्कूल के हर्शित चौधरी , सनवैली इंटरनेशनल स्कूल की ईशानी  चौहान, सिल्वरलाइन पै्रस्टीज स्कूल के अनिरूद्व सिंह को परिवर्तन स्कूल की दिषा वर्मा को घोशित किया गया। विजेता टीम का खिताब नेहरू वर्ल्ड स्कूल व सनवैली इंटरनेषनल स्कूल को संयुक्त रूप से दिया गया। सभी श्रेश्ठ वक्ताओं को किंडल व पुस्तकें पुरुस्कार स्वरुप दिया गया।
अन्य सभी प्रतिभागियों को पुस्तकें व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। वाद विवाद प्रतियोगिता अपने आप में रोचक तथ्यों से परिपूर्ण थी। दूसरों के तर्कों को काटने के साथ साथ विषय पर अपने विचार भी छात्र तथ्यों के साथ प्रस्तुत कर रहे थे। नेहरू वर्ल्ड स्कूल ने किशोरों को एक ऐसा मंच प्रदान किया जिसमें वे वर्तमान जगत के ज्वलंत मुद्दों पर वे अपने विचार रख सके व दूसरों के विचारों को सुन सके। अन्त में स्कूल के प्रषासनिक निदेशक केपी सिंह ने अतिथियों व प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया।
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