रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार
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 हरिद्वार त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान ने झूठे शपथ पत्र के उपयोग कर चुनाव में लड़ा था। चल अचल संपत्ति को जिला निर्वाचन अधिकारी से छिपाते हुए निर्वाचन अधिकारी को गुमराह किया। इसका खुलासा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना में हुआ है। भारत निर्वाचन आयोग को पत्र भेजकर ग्राम प्रधान को बर्खास्त करने की मांग उठाई गई है।
ब्लॉक बहादराबाद की ग्राम पंचायत अहमदपुर ग्रंट के ग्राम प्रधान यशपाल सैनी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 में भाग लिया गया था, जिसमें ग्राम पंचायत अहमदपुर ग्रंट से ग्राम प्रधान के पद पर यशपाल सैनी निर्वाचित हुए थे। लेकिन उन्होंने चुनाव के दौरान निर्वाचन अधिकारी को अपनी चल अचल संम्पति का झूठा शपथ पत्र दिया था। ग्राम प्रधान ने अपनी लाखों रुपए की चल अचल संपत्ति को छिपाते हुए निर्वाचन अधिकारी को झूठा शपथ पत्र देकर चुनाव आयोग को गुमराह करने के साथ ही धोखाधड़ी की।
आरटीआई कार्यकर्ता विकास सैनी की ओर से सूचना का अधिकार अधिनियम से सभी चल अचल सम्पति के सम्बंध में मांगी गई सूचना में हुआ। ग्राम प्रधान अहमदपुर ग्रंट द्वारा  बैंक एकाउंट, कृषि मंडी समिति ज्वालापुर में एक दुकान,   मोटरसाईकिल, कारे , मकान, कृषि ऋण, एवं अपनी जमीन की कीमत को कम दर्शाते हुए पंचायत चुनाव में झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया। आरटीआई कार्यकर्ता ने भारत निर्वाचन आयोग भारत सरकार को पत्र भेजकर झूठा शपथ पत्र देने में ग्राम प्रधान यशपाल सैनी को अयोग्य घोषित करते हुए झूठे शपथ पत्र देकर लाखों रुपए की चल अचल सपंत्ति को छिपाने के आरोप में कार्यवाही किए जाने की मांग की है।
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