(गुलफाम अली)
गाजियाबाद:-आज बेटी की अस्मिता हमारे देश की प्रमुख समस्या बन गई है आज एक प्रियंका रेड्डी के लिए कई सामाजिक कार्यकर्ता प्रदर्शन के लिए आ रहे हैं जबकि नेता अभी तक शांत है और वोट बैंक बचाने में लगे हैं । लेकिन बेटी के लिए इतनी सारी योजनाओं के चलते हुए भी हमारे देश में बलात्कार के बाद बेटियां मार दी जाती है तो यह हमारे लिए शर्मनाक है क्योंकि बेटी है तो हम हैं हम है तो देश है अतः सर्वोपरि बेटी होनी चाहिए । अतः उसकी रक्षा के लिए भी सख्त कानून होने चाहिए । अगर किसी बेटी का बलात्कार होता है तो सबसे ज्यादा डर भी अन्य बेटियों को होता है । यदि भारत का कानून बेटी की सुरक्षा के लिए सख्त होता तो प्रियंका रेड्डी जैसे हादसे नहीं होते और बलात्कारी को घृणित कार्य करते हुए डर लगता उस बेटी को नहीं जो इस प्रकार के हादसों से और अधिक डर जाती हैं।
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