रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार के साथ में रुड़की से इरफान अहमद की रिपोर्ट
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हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या क्या है  आज की तिथि में यदि इस प्रश्न का जवाब देश के बच्चों से पूछा जाए तो उनका एकमत जवाब होगा-बलात्कार। निस्संदेह, बलात्कार एक राष्ट्रीय कोढ़ जैसी समस्या है, और इस समस्या के कारण देश की महिलाओं, युवतियों, किशोरियों और यहां तक कि तीन-चार वर्ष की बच्चियों के साथ ही पूरे देश को पड़ोसी देशों के साथ ही संयुक्त राष्ट्र संघ में तक शर्मसार होना पड़ा है।लेकिन इस समस्या से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व झुझ रहा है लेकिन इतना जरुर कहेंगे की अन्य देशो की अपेक्षा भारत में इस अपराध क लिए कड़ी सजा नहीं है हां इतना अवश्य  कहेंगे की अब धीरे धीरे भारत में भी इस अपराध के लिए सजा में सुधार किया जा रहा है लेकिन सोचने वाली बात ये है की क्या भारत जेसे देश में सऊदी ,अफगान या दुबई  जेसे कानून बलात्कारियों के लिए कभी बनेंगे ?

अमेरिका  : दुनिया का सुपर पावर यह देश बलात्कार के मामले में भी पहले स्थान पर है। अमेरिकी न्याय सांख्यिकी ब्यूरो (BJS) के मुताबिक यहां रेपिस्ट में 99% अनुपात पुरुषों का है। सभी पीडितों में 91% महिलाएं हैं जबकि 9% पुरुष हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा के राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार, हर 6 में से एक अमेरिकी महिला और 33 में से हर एक पुरुष को अपने जीवनकाल में रेप या यौन-शोषण के प्रयास का पूरा अनुभव है। कालेज के दिनों में 14 साल की एज के अराउंड एक चौथार्इ से अधिक महिलाएं इस दौर से गुजरती हैं। आउट ऑफ ऑल, कुल मामलों में से केवल 14% की रिपोर्ट होती है। यह बात भी ध्यान देने वाली है कि अमेरिका में बलात्कार आउटडोर नहीं बल्कि अधिकांश मामले घरों के अंदर से जुडे हैं।

साउथ अफ्रीका:  कभी गांधीजी की यात्रा के लिए चर्चित रहा ये देश दुनिया में फिलहाल ‘रेप कैपीटल’ के रूप में बदनाम है। कर्इ साल पहले 2012 में यहां बलात्कार और यौन हमलों के 65 हजार केस दर्ज किए गए थे। कम्युनिटी ऑफ इन्फोर्मेशन द्वारा 4000 महिलाओं से की गर्इ पूछताछ में पता चला कि हर तीन में एक महिला के साथ अधिकारिता और पारदर्शिता पिछले एक साल में बलात्कार हुआ था। दिल दहला देने वाली बात ये भी कि अधिकतर छोटी बच्चियां ज्यादा शिकार होती हैं। यदि किसी पर रेप का अपराध साबित भी हो जाता है तो कानून उसे महज 2 वर्ष की सजा देता है।

स्वीडन:  सबसे शांत और खुशहाल जीवन जीने के लिए जाना जाने वाला यह देश रेप या सेक्सुअल असॉल्ट के मामले में भी अव्वल है। जी हां, चार में से एक स्विडिश महिला रेप के दौर से गुजरी है। स्वीडन में यूरोप में बलात्कार की दर सबसे ज्यादा है। 2013 में, अपराध की रोकथाम के लिए स्वीडिश राष्ट्रीय परिषद (Brå) के अनुसार, प्रति 100,000 आबादी में लगभग 63 मामले रेप के थे। 2013 की पहली छमाही के दौरान 1,000 से अधिक स्वीडिश महिलाओं ने स्टॉकहोम में रिपोर्ट दर्ज करार्इ, जिनका मुस्लिम अप्रवासियों (बाहर से आए मुसलमान) द्वारा बलात्कार किया जा रहा था। उन 300 से अधिक लोगों में ज्यादातर 15 वर्ष की आयु से अधिक के थे।

भारत:  भारत में महिलाओं का जो हाल है, वैसा कुल आबादी के लिहाज से कहीं नहीं। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (NCRB) के मुताबिक यहां हर 20 मिनट में 1 बलात्कार हो रहा है। 2012 में भारत में आर्इपीसी के Sec-376 के तहत रेप के 24,923 मामले दर्ज हुए, जो कि पिछले साल 2011 की तुलना में 3.0 फीसदी बढ़े। इसी प्रकार 2013 में रेप के 33,707 मामले दर्ज किए गए और 2014 में 37,413 मामले। जाहिर है, चार वर्ष बाद यहां बलात्कार की घटनाएं दोगुनी तेजी से हुर्इं। 1 जुलार्इ 2014 को NCRB की रिपोर्ट में बताया गया कि इस देश में हर रोज 93 महिलाएं बलात्कार का शिकार हो रही हैं। देश के ‘दिल’ में सबसे ज्यदा रेप शहरों के लिहाज से दिल्ली, मुंबर्इ, जयपुर और पुणे ज्यादा कलंकित हैं जबकि राज्यों में मध्यप्रदेश और यूपी। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (2013) के मुताबिक रेप के मामले में भारत चौथे नंबर पर है, लेकिन यह वो देश भी है जहां सबसे ज्यादा महिलाएं ‘बुरे दौर’ से गुजरती हैं। वहीं, देश का दिल दिल्ली, दुनिया में ‘रेप कैपिटल’ कहा जाने लगा है। चौंकाने वाली सचार्इ NCRB की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 86% रेप वुमंस के जानकार ही करते हैं।

ब्रिटेन  दुनिया के सर्वाधिक विकसित देशों में से एक ब्रिटेन, जहां लडकियां पूरी आजादी से रहती हैं। में भी बलात्‍कार और यौन शोषण के अधिक मामले दर्ज होते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इंग्लैंड और वेल्स में हर साल लगभग 85,000 महिलाओं का रेप हो रहा है।
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