रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार के साथ में रुड़की से इरफान अहमद की रिपोर्ट
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 देश में बलात्कारियों के लिए सहानुभूति के दिन लद गये? बक्सर सेंट्रल जेल में बनेगा फांसी का फंदा? २५ दिनों के भीतर लगभग 10 रस्सियां की तैयारी। 2013 के बाद पहली बार, बक्सर सेंट्रल जेल में देश के जल्लादों के लिए 10 विशेष मनीला रस्सियों का उत्पादन करने के लिए कहा गया है। जेल विभाग के सूत्रों ने पटना में कहा कि “जल्लाद के लिए ऐसी रस्सी सामान्य रूप से तैयार नहीं की जाती है जब तक कि ठोस मांग न हो।”

बक्सर जेल को आखिरी बार “अजमल कसाब” को लटकाने के लिए कहा गया था। जो 2008 के मुंबई हमले में शामिल आतंकवादी था। बक्सर सेंट्रल जेल के अधीक्षक विजय कुमार अरोड़ा ने कहा, “हम निकट भविष्य में रस्सियों की फांसी की मांग का अनुमान लगा रहे हैं। जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर रस्सी तैयार की जा रही है। ”

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि किसको फांसी दी जानी है। 2012 में निर्भया गैंगरेप मामले में चार में से एक विनय शर्मा को मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसने शनिवार को अपनी दया याचिका वापस ले ली।अरोड़ा जी ने कहा कि रस्सी बुनने के लिए जेल बुनकरों के एक समूह की पहचान की गई है, इसे जोड़ना एक जटिल काम है। उन्होंने कहा कि 25 दिनों के भीतर लगभग 10 रस्सियां ​​तैयार हो जाएंगी।

निर्भया से 16 दिसंबर, 2012 की रात सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चार लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है जबकि एक आरोपी ने सुनवाई के दौरान ही खुदकुशी कर ली थी। एक दोषी को नाबालिग होने की वजह से तीन साल सुधार गृह में रखने के बाद रिहा कर दिया गया।

उच्चतम न्यायालय ने 12 दिसंबर 2018 को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें केंद्र सरकार को मामले के दोषी मुकेश, पवन, विनय और अक्षय को मिली फांसी की सजा पर अमल करने के निर्देश दिए गए हैं। अब दया याचिका राष्ट्रपति को लगाई गई तो गृह मंत्रालय ने तुरंत दया याचिका पर सहानुभूति नहीं जताने की सिफारिश कर दी। तब एक्यूज ने यह कहते हुए कि गलत लगी, याचिका वापस लेली। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार समझा जा रहा है कि निर्भया गैंगरेप के दोषियों को फांसी की तैयारी शुरू हो गयी, संभवतः इसी दिसंबर में चढ़ाए जा सकते हैं सूली पर।
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