नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ शुक्रवार को लखनऊ सहित प्रदेश के कई शहरों में उग्र प्रदर्शन का असर शनिवार को भी है । शनिवार को भी लखनऊ के साथ कानपुर व रामपुर के साथ अन्य शहरों में भी तनाव देखने को मिला। पुलिस नामजद लोगों की धरपकड़ में लगी है। प्रदेश के दो दर्जन शहरों में मोबाइल इंटरनेट को सोमवार दोपहर 12 बजे तक बाधित रखने का निर्णय लिया गया है । उत्तर प्रदेश में दो दिन नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हिंसा के बाद भी शनिवार को लखनऊ के साथ कानपुर और रामपुर में कई जगह पर उपद्रवी एकत्र हो गए । इन लोगों ने वहां पर तोडफ़ोड़ का प्रयास किया । कानपुर में बवाल फिर भड़का। शाम होते-होते इलाके में फिर से माहौल बिगड़ गया। सैकड़ों लोगों ने बाबू पुरवा कोतवाली घेर ली । विधायक इरफान सोलंकी, अमिताभ बाजपेई के साथ सैकड़ों लोगों ने कोतवाली पहुंचकर गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई न करने का पुलिस पर दबाव बनाया। इसके बाद शहर काजी और मौलाना भी पहुंचे । कोतवाली में मौजूद एसएसपी और डीएम ने लोगों को समझाकर शांत कराया। रामपुर में भी माहौल को भी बिगाडऩे का प्रयास किया। लखनऊ में अकबरी गेट पर पास लोगों के कुछ उपद्रवियों की गिरफ्तारी का विरोध किया। इनके विरोध को किनारे कर जिला तथा पुलिस प्रशासन ने दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया है।प्रदेश में गुरुवार व शुक्रवार को हुई हिंसा पर आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि इस बाबत प्रदेश भर में 124 एफआईआर दर्ज हुई है । इसमें अभी तक 705 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है । 4500 लोगो पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई है । अब तक हुई हिंसा में 263 पुलिस वाले घायल हुए हैं। इनमें भी 57 पुलिस कर्मी गोली लगने से घायल हैं। हिंसा मे भारी पैमाने पर अवैध शास्त्रों का उपयोग किया गया। इस दौरान पुलिस ने मौके से देसी तमंचे के 405 खोखे बरामद किए हैं। सोशल मीडिया पर 13101 पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई में 63 के खिलाफ एफआईआर कराई गई है । जिसमें 102 की गिरफ्तारी की गई है जबकि 442 पाबंद हैं । रामपुर में प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उलेमाओं ने बंद बुलाया । इस दौरान हजारों की संख्या में नागरिकता कानून का विरोध करने के लिए लोग सड़कों पर उतर आए । इदगाह के पास इक_ा होकर लोगों ने जमकर नारेबाजी की । इस दौरान पुलिस और भीड़ बिल्कुल आमने सामने हो गई। प्रदर्शन के दौरान भीड़ इतनी उग्र हो गई कि उन्होंने एक पुलिस जीप के अलावा आठ अन्य वाहनों को भी फूंक दिया। इस हिंसक प्रदर्शन के दौरान एक शख्स की मौत हो गई।गुरुवार के बाद तीन दिन तक बंद रही मोबाइल इंटरनेट सेवा को सोमवार दोपहर 12 बजे तक बाधित रहेगी। लखनऊ के साथ 15 शहरों में इंटरनेट सेवा सोमवार दोपहर 12 बजे तक के लिए बंद रहेगी । कुछ देर की बहाली के बाद नये फरमान के साथ लगी रोक । अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी के नये आदेश में बरेली, मऊ, कानपुर, उन्नाव, प्रयागराज, सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, गाजियाबाद, संभल, आजमगढ़, आगरा, मुरादाबाद में भी सोमवार 12 बजे तक इंटरनेट बैन की सीमा बढ़ाई गई।मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कच्ची सड़क के पास केवलपुरी में शनिवार को दो पक्षों के बीच पथराव हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से पथराव किया गया। वहीं घटना की जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां फटकारकर भीड़ को वहां से खदेड़ दिया । तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है । बताया गया कि एक वर्ग के लोग अंतिम संस्कार करने के लिए जा रहे थे इसी दौरान संघर्ष हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ । हालांकि पुलिस ने यह दावा किया है कि उनके तरफ से किसी तरह की फायरिंग नहीं की गई है, इसलिए मौत के लिए उपद्रवी खुड जिम्मेदार हैं, न कि पुलिस । वहीं उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठियां भांजी। काफी देर तक भीड़ और पुलिस के बीच झड़प चलती रही। भीड़ ने बैरीकेडिंग तोड़ दी, वहीं पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग भी की। इस दौरान भीड़ लगातार सरकार और एनआरसी विरोधी नारे लगाती रही।उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि उग्र प्रदर्शन मामले में अब तक करीब हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लखनऊ में ही करीब 250 से अधिक लोग गिरफ्तार हुए हैं। ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि जांच जारी है। इसमें एनजीओ और बाहरी तत्व शामिल हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।मेरठ में हापुड़ रोड पर थाना नौचंदी के पास भीड़ ने पुलिस पर पथराव व फायरिंग की और तीन पुलिस चौकियां फूंक दी। इस दौरान एक उपद्रवी की मौत हो गई, जबकि एसपी सिटी समेत सात पुलिसकर्मी घायल हुए। उपद्रवियों ने कई बाइक भी फूंक दी । यहां पर पुलिसकर्मियों व मीडियाकर्मियों को बंधक बना लिया।
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