रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार
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    रुड़की -भगवानपुर ओद्योगिक क्षेत्र में स्तिथ मैसर्स उड़ान एक्सपोर्ट फर्म के विद्युत मीटर में लाइन में आई कार्बन के कारण मीटर धीमा होना बताकर विद्युत विभाग के अधिकारियों ने उपभोक्ता को भेजे 12,28,281रुपये के बिल को त्रुटिपूर्ण मानते हुए विद्युत लोकपाल ने न सिर्फ उक्त बिल निरस्त कर दिया बल्कि दोषी अधिकारियों के विरुद्ध उक्त लापरवाही के लिए विभागीय कार्यवाही करने का भी आदेश दिया है।उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि भगवानपुर ओद्योगिक क्षेत्र में स्तिथ मैसर्स उड़ान एक्सपोर्ट फर्म ने 150 किलोवाट का एक विद्युत कनेक्शन लिया हुआ है।जिसके बिलो का कोई बकाया न होते हुए भी विद्युत विभाग ने उक्त कनेक्शन की मीटर सीलिंग रिपोर्ट दिनांक 29 अप्रैल सन 2019 व विभागीय पत्र दिनांक 15 अप्रैल सन 2019 में कार्बन के कारण मीटर प्रणाली धीमी बताकर एक साल नो महीने तेरह दिन की अवधि का अधिभार अंकन 12,28,281 रुपये भेज दिया और उसके विरुद्ध की गई लिखित आपत्ति भी निरस्त करते हुए कनैक्शन काट दिया।जिससे फर्म का सारा कामकाज ठप्प हो गया।पीड़ित उपभोक्ता ने विद्युत उपभोक्ता मंच में शिकायत की तो  उक्त अधिभार का आंशिक जमा करने पर ही उक्त कनैक्शन जोड़ा जा सका।लेकिन उपभोक्ता मंच ने मामले की विधिक व तथ्यात्मक अवलोकन  किये बिना ही उक्त शिकायत निरस्त कर दी जिसपर पीड़ित उपभोक्ता ने विद्युत लोकपाल के समक्ष अपील योजित की।विद्युत लोकपाल सुभाष कुमार ने सुनवाई के दौरान पाया कि मीटर सीलिंग पर न तो उपभोक्ता के हस्ताक्षर कराये गए थे और न ही सीलिंग प्रमाण पत्र पर पुराने मीटर का विवरण अंकित किया गया था।ऐसे में किस आधार पर मीटर का धीमा होना व किस आधार पर अधिभार लगाया गया, यह जवाब विभाग नही दे पाया।विद्युत लोकपाल ने उक्त गलत मीटर सीलिंग रिपोर्ट को विभागीय अधिकारियों की लापरवाही मानते हुए अधिभार राशि अंकन 12,28,281 रुपये निरस्त कर दिए साथ ही उक्त लापरवाही के लिए दोषी सहायक अभियंता मीटर टेस्टिंग व एसडीओ विद्युत वितरण के विरुद्ध व विभागीय कार्यवाही करने का आदेश दिया है।
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