रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार के साथ में रुड़की से इरफान अहमद की रिपोर्ट
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नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार के इकबालपुर चीनी मिल द्वारा गन्ना किसानों को बकाया 217 करोड़ रुपये भुगतान नहीं करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने जिलाधिकारी हरिद्वार को एक माह के भीतर सुगर मिल की जब्त चीनी की नीलामी करने व उससे प्राप्त रकम को एक खाते में रखकर कोर्ट को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट निर्णय करेगा किसानों और बैंकों को भुगतान कैसे और कब किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 फरवरी की तिथि नियत की है। मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में हरिद्वार निवासी नितिन की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में कहा है कि इकबालपुर चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 2017-18 में 108 करोड़ और 2018-19 का 109 करोड़ बकाया है। सरकार के आदेश पर चीनी मिल को शॉफ्ट लोन के रूप 214 करोड़ रुपए बैंको से लोन दिलाया गया जबकि जनता द्वारा जमा राशि को शॉफ्ट लोन के लिए प्रयोग नही किया जा सकता है। याचिकाकर्ता का यह भी कहना है कि किसानों का गन्ने का भुगतान करने हेतु जब्त की गई चीनी की नीलामी की जाय। पूर्व में सरकार ने सुगर मिल की चीनी जब्त भी की थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने उक्‍त आदेश दिए। नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश की सूचना मात्र से ही पूरे क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है। किसानों का कहना है कि हाईकोर्ट का फैसला किसान हित में है। बता दें कि इकबालपुर चीनी मिल से संबंधित किसान गन्ना बकाया भुगतान को लेकर परेशान हैं । तमाम धरने प्रदर्शन करने के बाद भी चीनी मिल प्रबंधन बकाया भुगतान देने को तैयार नहीं है। किसान क्लब के अध्यक्ष चौधरी कटार सिंह ने कहा है कि हाई कोर्ट के द्वारा जारी आदेश से किसान को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप चीनी नीलाम करा कर किसानों का भुगतान कराएगा। इससे किसानों की आर्थिक दिक्कत दूर होगी क्षेत्र में खुशहाली आएगी
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