रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार
9410563684

          आरोप है कि जेलर ने एक अधिवक्ता से फोन पर अभद्र व्यवहार किया। वहीँ एसडीएम ने जेलर को तलब कर अधिवक्ताओं का सहयोग करने के निर्देश दिए।

रुड़की अधिवक्ता प्रवीण बॉबी ने एसडीएम गोपाल सिंह चौहान को सौंपे ज्ञापन में बताया कि 22 जनवरी को सुबह 11 बजे रुड़की उपकारागार में अपने एक मवकिल से मिलने गयी थी लेकिन बाहर खड़े सुरक्षा कर्मियों ने उसे अंदर नही जाने दिया और एक वजे मिलने को कहा । अधिवक्ता के अनुसार इस सम्बन्ध में उन्होंने जेलर को फोन से बताया तो उन्होंने अभद्रता करते हुए कहा कि जेल उनके बनाये कानूनों के अनुसार ही चलेगी।प्रवीण बॉबी ने बताया कि अगले दिन वह एक बजे मिलने गयी लेकिन फिर भी मवकिल से नही मिलने दिया गया। जेलर ने कहा कैदियों से पहले परिजन मिलेंगे और बाद में अधिवक्ता। अधिवक्ता के अनुसार वह तीसरे दिन मवकिल से मिल पाई। वहीं तीन दिन बिलम्ब होने के कारण मवकिल की पैरवी भी ठीक से नही हो पाई। जेल के इस कानून और जेलर के रवैये के विरोध में अधिवक्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं उससे पहले 21 जनवरी को रुड़की एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से एसडीएम को जेल में मवकिल से मिलने का समय बदले जाने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है। वहीं एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने जेलर को निर्देशित किया कि वह अधिवक्ताओं की समस्या का निस्तारण करें और उनका सहयोग करें। ज्ञापन देने वाले एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण तोमर,कमलेश राणा, प्रदीप चौधरी,श्याम कुमार, अमित कुमार, सतीश, जयंत प्रीति चौधरी,ब्रहम सिंह सजवान, सोनू,विजय पटेल,अरविंद कुमार, आरपी सिंह, प्रवीण छाबड़ा आदि शामिल रहे।
Share To:

Post A Comment: