रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार
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     जिसकी चपेट में आने से छात्र केतन (16)पुत्र हुकुम सिंह निवासी मायाकुंड ऋषिकेश मलबे के नीचे बुरी तरह से दबकर मर गया ।
समाजसेवी मनीषा वर्मा ने कहा कि जर्जर हो चुके विद्यालय भवन की अगर पहले सुध ले ली होती तो एक छात्र की जान बच सकती थी। मनीषा वर्मा ने बताया कि ऋषिकेश के अधिकांश प्राथमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय लगभग 80 से 100 वर्ष पुराने हैं जिनकी स्थिति दयनीय हो चुकी है फिर भी उन सभी भवनों में कक्षाएं चल रही हैं, यह नौनिहालों की जान को खतरे में डालना है। उन्होंने प्रशासन से इन विद्यालयों की तुरंत जांच की मांग की है ताकि केतन की तरह और बच्चों की जान ना चली जाए।
 उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने भी छात्र केतन की मृत्यु पर भारी आक्रोश दिखाया है। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश महामंत्री डी एस गुसाईं ने कहा कि अगर छात्र को इंसाफ नहीं मिला तो स्कूल प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया जाएगा।उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की माँग की हैं।
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