रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार के साथ में रुड़की से इमरान देशभक्त की रिपोर्ट
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                 उक्त विचार हरिद्वार से पधारे स्वामी रूपेंद्र प्रकाश जी महाराज ने स्वामी विवेकानंद जी की 158 वी जयंती के अवसर पर व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने देश और धर्म को बचाने के लिए हर जिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।उन्होंने विदेशों में भी धार्मिक सम्मेलनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार किया तथा भारत की वासुदेव कुटुमकुंब की अवधारणा को चरितार्थ किया।उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष प्रेमचंद शास्त्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद आज भी भारत वर्ष की महान संस्कृति के वैश्विक अंबेसडर हैं उनके विचार हमेशा इस वायुमंडल में गूंजते रहेंगे तथा उनकी प्रेरणा से लोगों को नर सेवा,नारायण सेवा का संदेश प्राप्त होता रहेगा। मेयर गौरव गोयल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलकर भारतीय संस्कृति को बचाया जा सकता है ।उन्होंने देश और धर्म की संस्कृति की रक्षा के लिए जो अमूल्य समय दिया वह भारतीय लोगों के लिए प्रेरणा देता रहेगा।उत्तराखंड सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री विनोद आर्य ने भी स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे उद्योगपति संसार जिंदाल ने स्वामी विवेकानंद के साहित्य को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।संस्कार भारती द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संस्था के प्रदेश सचिव डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने रामकृष्ण मठ के उद्देश्यों तथा संस्कार भारती के कार्यों विस्तार से जानकारी दी।।कार्यक्रम संयोजक अशोक शर्मा आ रही है दस विद्यालयों से आए छात्र-छात्राओं को पुस्तक एवं प्रमाण पत्र अतिथियों के माध्यम से वितरित किए।इस अवसर पर डॉ.प्रवीण रोड,नरेंद्र आहूजा,मनीष श्रीवास्तव,विवेक कांबोज, रामशंकर सिंह,दिनेश कुमार,संगीता श्रीवास्तव, गौरव यादव,डॉक्टर राकेश त्यागी,पार्वती पांडे,सुशील रावत,विकास कुमार,अनुज त्यागी,राकेश कुमार,प्रोफ़ेसर के.सागर चंद्रा,डॉ.महेश खेतान,समाजसेवी चौधरी धीर सिंह,प्रवीण संधु,केपी सिंह,रामवीर सिंह,डॉक्टर कमलेश चंद्र,अनुपमा गुप्ता, विनीत चंद्रा,भावना शर्मा,नीलम मधोक, अनूप कुमार शर्मा,समय सिंह सैनी,नीलम सहेजा, आंचल शर्मा,नंदकिशोर कश्यप,प्रदीप पाल,शुभम शर्मा,विनीत कुमार आदि बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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