नोएडा SSP का योगी को विस्फोटक लेटर, 5 IPS पोस्टिंग रैकेट में शामिल ।
नोएडा गौतम बुद्ध नगर । नोएडा के एसएसपी वैभव कृष्णा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर एक बड़े पुलिस पोस्टिंग रैकेट की सूचना दी है. चिट्ठी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में जिला कप्तान की पोस्ट के लिए 50 लाख से 80 लाख रुपये तक की रिश्वत चलती है. एसएसपी का दावा है कि सूबे के 5 आईपीएस अफसर इस रैकेट में शामिल हैं.
फोन  रिकॉर्डिंग का खुलासा । 
यूपी के डीजीपी और सीएम के प्रधान सचिव के नाम लिखे गए इस खत में वैभव कृष्णा ने 5 आईपीएस अफसरों की मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग का खुलासा किया है । दी गई जानकारी में एसएसपी मेरठ की पोस्टिंग के लिए एक आईपीएस अफसर और एक पावर-ब्रोकर के बीच व्हाट्सएप मैसेज के आदान-प्रदान का जिक्र है ।जो 80 लाख रुपये की घूस को लेकर थी ।
चिट्ठी के मुताबिक डील का खुलासा अगस्त, 2019 में नोएडा से गिरफ्तार 4 लोगों के केस की तफ्तीश के दौरान हुआ ।
कई और जिलों में पोस्टिंग के लिए पेश की गई घूस ।
चिट्ठी में कई और जिलों में पोस्टिंग के लिए पेश की गई घूस की जानकारी भी है । इसके मुताबिक यूपी कैडर के एक दूसरे पुलिस अफसर ने लाखों रुपयों की पेशकश की
- एसएसपी आगरा के पद के लिए 50 लाख रुपये
- एसएसपी बरेली के पद के लिए 40 लाख रुपये
- एसपी बिजनौर के पद के लिए 30 लाख रुपये
एसएसपी नोएडा के मुताबिक ये पूरा रैकेट ताकतवर ब्यूरोक्रेट और नेता मिलकर चलाते हैं जिसमें कुछ पत्रकार भी शामिल हैं. तमाम सौदेबाजियों का खुलासा तब हुआ जब पुलिस की साइबर टीम ने कई फोन कॉल्स और मैसेज की जांच की.
इस बीच वैभव कृष्णा के कथित ‘मॉर्फ्ड वीडियो’ मामले की जांच हापुड़ पुलिस को सौंप दी गई है । यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने IANS को बताया  स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच को लिए हमने मामला नोएडा पुलिस के बजाए हापुड़ पुलिस को सौंपा है ।
मामला है
एसएसपी गौतम बुद्ध नगर वैभव कृष्ण ने बुधवार, 1 जनवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर एक ‘‘मॉर्फ्ड वीडियो’’ जारी किया है, जिसमें उनकी तस्वीर के साथ एक महिला की आवाज आ रही है.
उन्होंने बताया था कि इस मामले में उन्होंने नोएडा थाना सेक्टर-20 में अज्ञात लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट और विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है. एसएसपी ने कहा था कि उन्होंने आईजी मेरठ जोन से निवेदन किया है कि इस मामले की जांच जनपद गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के अलावा किसी अन्य जनपद की पुलिस से कराई जाए, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके ।
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