रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार के साथ में रुड़की से इरफान अहमद की रिपोर्ट
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होशंगाबाद। इस साल लगातार चार सुपरमून दिखने जा रहे है। आज साल का पहला सुपरमून दिखाई देंगा। विज्ञान प्रचारक सारिका घारू ने बताया कि आज साल का पहला सुपरमून अन्य पूर्णिमा पर दिखने वाले चांद से ज्यादा चमकदार और बड़ा दिखाई देगा। वही इस साल 12 माह में 13 पूर्णिमा पड़ रही है। जिसमें 9 फरवरी माघपूर्णिमा का चांद खास होगा। यह 30 प्रतिशत तक चमकदार और 14 प्रतिशत अधिक बड़ा दिखाई देगा। उन्होंने बताया कि चांद शाम 6.30 बजे के आसपास ज्यादा साफ दिखाई देगा खगोलवैज्ञानिकों ने पश्चिमी देशों में इसे स्नोमून का नाम दिया गया है। इसके बाद सुपरमून 9 मार्च, 8 अप्रैल और 7 मई को दिखाई देंगे। जो चांदनी की फोटोग्राफी के लिए सुनहरा मौका होगा।

तीन चंद्रग्रहण भारत में देखें जा सकेंगे
विद्यार्थियों में खगोलीय घटनाक्रम के प्रति रुचि पैदा करने के लिए स्कूल-कॉलेजों को भेजा जा रहा है। सारिका के मुताबिक वैज्ञानिक कैलेंडर 2020 में बिना किसी टेलीस्कोप की मदद से दिखने वाले 20 खास खगोलीय घटनाक्रम हैं। खासकर 9 फरवरी, 9 मार्च , 8 अप्रैल और 7 मई को सुपर मून के रूप में पूनम का चांद 30 प्रतिशत ज्यादा चमकीला व आकार में 14 प्रतिशत बड़ा दिखाई देगा। कैलेंडर के मुताबिक 10 जनवरी को पहला चंद्रग्रहण था। 5 जून, 5 जुलाई व 30 नवंबर को अन्य चंद्रग्रहण की घटनाएं होंगी। इनमें 5 जुलाई को छोड़कर बाकी तीन चंद्रग्रहण भारत में देखें जा सकेंगे। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून पर सुबह जब देशवासी योग व सूर्य को नमस्कार कर चुके होंगेे तब 10 बजे के बाद सूर्य कंगन के रूप में बदलता दिखेगा। ऐसा वलयाकार सूर्यग्रहण के कारण होगा।

20 फरवरी को कंजक्शन ऑफ मून एंड जुपिटर
सारिका ने बताया कि 20 फरवरी को कंजक्शन ऑफ मून एंड जुपिटर दिखेगा। 19 मार्च को कंजक्शन ऑफ मून एंड सेटर्न देखा जा सकेगा। आकाश में ग्रहों की पहचान करने का यह अच्छा अवसर होगा। 4 जुलाई को पृथ्वी, सूर्य की परिक्रमा करते हुए सबसे दूर होगी। 13 अगस्त को वीनस का आधा भाग चमकता दिखेगा। 14 जुलाई को बृहस्पति और 21 जुलाई को शनि, पृथ्वी व सूर्य एक सीध में होगे। 14 अक्टूबर को सूर्य, पृथ्वी व मंगल सीध में होगा। 13 दिसंबर की रात को आकाश में मेटिओर शॉवर (तारा टूटना) की आतिशबाजी दिखाई देगी। 14 दिसंबर को दक्षिणी चिली, अजेंटीना में पूर्ण सूर्य ग्रहण की घटना देखी जा सकेगी। साल के सबसे छोटे दिन 21 दिसंबर को सौर मंडल के दो सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति व शनि बेहद नजदीकी से मिलते दिखेंगे।

सुपरमून और वलयाकार सूर्यग्रहण
सुपरमून - यह वह खगोलीय घटना है जिसके दौरान चंद्रमा, पृथ्वी के सबसे करीब होता है और अधिक चमकीला भी। सबसे करीब होने वाला चंद्रमा पेरिगी मून (356500 किमी) व सबसे दूर वाली स्थिति को अपोगी (406700 किमी) कहते हैं।

वलयाकार सूर्यग्रहण - जब चंद्रमा सामान्य की तुलना में धरती से दूर हो जाता है। नतीजतन उसका आकार इतना नहीं दिखता कि वह पूरी तरह सूर्य को ढंक ले। वलयाकार सूर्यग्रहण में चंद्रमा के बाहरी किनारे पर सूर्य रिंग यानी अंगूठी की तरह काफी चमकदार दिखाई देता है।
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