रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार के साथ में रुड़की से इमरान देशभक्त की रिपोर्ट
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              कवि सम्मेलन राष्ट्रीय एकता व अखंडता के प्रतीक हैं।इन कवि सम्मेलनों के आयोजन से जो देशभक्ति की धारा प्रवाहित होती है उससे लोगों के मन में देशप्रेम की भावना की जागृति उत्पन्न होती है।निगम सभागार में आयोजित कवि सम्मेलन में अतिथि के रूप में पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष डॉ. कल्पना सैनी,समाजसेवी गौरव विवेक,डॉ.राम सुभग सैनी ने भी कवि सम्मेलनों के समय-समय पर आयोजन के जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता हरि प्रकाश शर्मा तथा संचालन युवा कवि विनय प्रताप सिंह ने किया। संयोजक वंश भारद्वाज व कार्तिक गुप्ता ने अतिथिगणों का सम्मान किया एवं अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। कवि सम्मेलन में दिल्ली से पधारे प्रसिद्ध कवि सरिता जैन,मनोज शाश्वत,कमांडो समोद सिंह,मनोज मनमौजी,सतीश एकांत, ओमप्रकाश कल्याण, पल्लवी त्रिपाठी,शोभना ऋतु,डिंपल सानन,सरवन कुमार,दिनेश वर्मा,हरि प्रकाश खामोश,शौर्य भटनागर,विनय प्रताप सिंह, प्रमोद कुमार,मनीष एक्स, किसलए क्रांतिकारी आदि कवियों ने अपनी कविताओं में रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
फरीदाबाद से आए प्रसिद्ध कवि मनोज मनमौजी ने अपनी रचना से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।उन्होंने पढ़ा कि-
सुमन जैसा वतन मेरा मधुर ककरंद हो जाए.
भरमर दल की मधुर गुंजार जैसा छंद हो जाए..
कि सरहद पार के दुश्मन की बातें बाद में होंगी.
फना पहले हमारे मुल्क से जयचंद हो जाएं..
दिल्ली से पधारी कवित्री सरिता जैन ने कुछ इस अंदाज में पढ़ा कि-
कहीं पर धूप तो कहीं पर साहिबान होता है.
मुसाफिरों का यही तो इंतिहान होता है..
वफा की छत नहीं गिरती कभी वहां देखो.
भले ही गांव में कच्चा मकान होता है..
इस अवसर पर नरेंद्र कुमार, जोगेंद्र सिंह,राजेंद्र सैनी, सुरेंद्र सैनी,रामकुमार सैनी, राजीव कपिल,अल्पा घनशाला,दीवान सिंह बिष्ट, रजनीश गुप्ता,अनुराग कौशिक,जावेद आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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