रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार
9410563684


 दुनिया भर में कोरोना वायरस से ख़ौफ़ के बीच हंता वायरस ने भी लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। चीन में हंता वायरस की वजह से 23 मार्च को एक शख्स की मौत की ख़बर है। ग्लोबल टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, हंता वायरस से संक्रमित शख्स जिस बस में सवार था, उसमें सवार 32 लोगों की जांच की गई है। इस ख़बर के सामने आते ही ट्विटर पर.   

 हंता वायरस
 ट्रेंड करने लगा। लोग कोरोना से जारी जंग के बीच हंता को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं और डर ज़ाहिर कर रहे हैं।

सीडीसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, हंता वायरस चूहों से फैलता है। अगर कोई इंसान चूहों के मल-मूत्र या लार को छूने के बाद अपने चेहरे पर हाथ लगाता है तो हंता संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि आमतौर पर हंता वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं जाता है। हंता के संक्रमण का पता लगने में एक से आठ हफ्तों का वक़्त लग सकता है।

इसके पहले जनवरी 2019 में हंता से संक्रमित नौ लोगों की पेटागोनिया में मौत हो गई थी। इसके बाद पर्यटकों को आगाह भी किया गया था। तब के एक अनुमान के मुताबिक़, हंता वायरस से संक्रमित लोगों के 60 मामले सामने आए थे, जिनमें 50 को क्वारंटीन रखा गया था। सीडीसी की मानें तो हंता वायरस में मृत्युदर 38 फ़ीसदी होती है और इस बीमारी का कोई ‘स्पेसिफिक ट्रीटमेंट’ नहीं है।

क्या है इस वायरस के संक्रमण का लक्षण

अगर कोई व्यक्ति हंता संक्रमित है तो उसे बुखार, दर्द, सर्दी, बदन दर्द, उल्टी जैसी दिक़्क़तें हो सकती हैं। हंता संक्रमित व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर फेफड़ों में पानी भरने और सांस लेने में तकलीफ़ भी हो सकती है
Share To:

Post A Comment: