इंटरनेशनल यूनाइटेड एडुकेशनिस्ट फर्टेर्निटी के अध्यक्ष डॉ जयंत चौधरी, डॉ  सुजीत कुमार जाना, मुख्य सचिव और सुश्री अमिता पंडित भट्ट, निदेशक (कॉर्पोरेट अफेयर्स) ने कोविड-19 ब्रेकआउट्स पर ऑनलाइन वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किया. जिसका उद्देश्य सावधानी और निवारक उपायों के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पर विचारों का आदान प्रदान करना था जोकि  आयुष मंत्री भारत सरकार के सलाहकार डॉ नवल कुमार वर्मा (एम. डी. होमियोपैथी) के साथ मिलकर एक सामाजिक पहल थी.
डॉ नवल वर्मा और उनकी डॉक्टरों की टीम, डॉ बीनू, डॉ रचना सिंह, डॉ रुमझुम, डॉ ललित भारद्वाज, डॉ हयातो (जापान), डॉ कोनामी (जापान), डॉ वेदती पैकियम (मुंबई), विवेक अग्रवाल जी जोकि दुनिया भर में कार्यरत है ने कोरोना महामारी से लड़ने के बारे में अपने-अपने अनुभव साझा किए. उनकी टीम में मेडिसिन, साइकाइट्रिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट और अन्य सभी अलग-अलग मेडिकल स्ट्रीम के विशेषज्ञ हैं. डॉ नवल कुमार वर्मा एवं उनकी टीम ने पूरे भारत में 80 से अधिक शीर्ष, प्रख्यात स्कूलों के अध्यक्ष, निदेशक और प्राचार्यों को संबोधित किया. सत्र के दौरान चर्चा का मुख्य विषय सोशल मीडिया से दूरी कैसे बनाए रखें, पोस्ट कैसे करें, अवसाद से कैसे बचें, बच्चे कितना समय टीवी एवं मोबाइल पर दे, योग ध्यान के साथ मानसिक स्वास्थ्य को कैसे संतुलित करें आदि पर चर्चा हुई. डॉ नवल वर्मा ने कोरोना के प्रकोपों ​​के बारे में करने लायक एवं ना करने लायक कार्यों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने भारत सरकार द्वारा महामारी से लड़ने के लिए उठाए गए संभावित कदमों से शिक्षकों को आश्वस्त किया. डॉ रचना सिंह जोकि एक प्रख्यात कॉलुमिस्ट भी है, ने समाज पर कॉरोना लॉकडाउन के मनोवैज्ञानिक प्रभावों को साझा किया. जापान की डॉ हेटो ने जापान सरकार द्वारा कोरोना महामारी से लड़ने के खिलाफ उठाए गए कदमों को साझा किया. डॉ वेदती पैकियम जोकि मुंबई से है, ने लॉकडाउन की अवधि में मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए शारीरिक व्यायाम साझा किए. डॉ ललित भारद्वाज ने भारत सरकार द्वारा बीमारी से रोकथाम के लिए किए गए उपायों को साझा किया और उन्होंने कोरोना से बचने के लिए सामाजिक दूरी की महत्ता एवं कोरोना की किफायती परीक्षण किट के बारे में जानकारी को साझा किया.
सत्र लगभग दो घंटे तक चला. डॉ जयंत चौधरी एवं डॉ सुजीत कुमार जाना ने डॉ नवल वर्मा और दुनिया भर के विशेषज्ञों की उनकी टीम को "वोट ऑफ थैंक्स" दिया और आश्वस्त किया कि इस तरह के और वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे. जिससे आई. यू. ई. एफ. आने वाले दिनों में देश के सभी शिक्षाविदों को एक बेहतरीन मंच प्रदान कर सके.
Share To:

Post A Comment: