एकतरफ पूरा देश जहाँ लोकबन्दी के कारण अपने-अपने घरों में कैद है वही देश का बहुत बड़ा मजदूर वर्ग आर्थिक मजबूरी के कारण दिन प दिन खाने के लिय बहुत परेशान दिखता नजर आ रहा है । यह मजदूर वर्ग रोजाना कमाने और खाने पर निर्भर रहता है। देशभर से लोग अपने-अपने स्तर पर योगदान कर रहे है ऐसे में स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा योगदान करना ऊँचे तबके के लोगों को भी प्रेरित करता है। जिससे वो आगे आए और एकजुट होकर कोरोना से लड़ने में सरकार की मदद कर सके। इस संकट की घड़ी में नोएडा से समाजसेवी नम्रता नारायण अपनी संस्था रमा फाउंडेशन के माध्यम से गरीब एवं मजबूर लोगों के बीच जाकर दस दिनों से लगातार करीब 400 जरूरतमंद लोगों को रोजोना खाद्यान्न सामग्री वितरण कर रही है। रमा फाउंडेशन की फाउंडर नम्रता नारायण कहती है कि इस समय देश को सबसे ज्यादा जरूरत है कोरोना से लड़ने के लिए स्वयंसेवी लोगों की तो भला वो पीछे कैसे रह सकती है। नम्रता अपने क्षेत्र के लोगों को निरंतर जागरूक कर रही हैं कि वो अपने घरों में ही रहें और कोरोना को हराए।

समाजसेवी नम्रता नारायण लगातार अपने क्षेत्र का मुआयना कर रही और ये भी सुनिश्चित करती हैं कि कहीं कोई गरीब भूखा न सोए। नम्रता का प्रयास जारी है कि उनके क्षेत्र में कोई मजबूर अनाज एवं रोजमर्रा खाने की सामग्री की कमी के कारण भूखा ना रह पाए इसलिए वो लोगों में खाद्यन्न सामग्री सुचारु रूप से बाट रही हैं। नम्रता नारायण का कहना है कि नोएडा और ग़ाज़ियाबाद में अगर कोई जरूरतमंद व्यक्ति जो आर्थिक मजबूरी के कारण खाद्यन्न सामग्री लेने में असमर्थ है वो उन्हें फ़ोन कर उनसे सहायता मांग सकते है, वह भरपूर प्रयास करेंगी की साहयता उनके घर पहुँचा सके। इस मुहिम में उनका साथ सैम स्पोर्ट्स एकेडमी, अम्बे एग्रो फूड्स एवं और भी समाजसेवी लोग दे रहे है।
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