रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार
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           किसान भाई अपने रबी फसलों की कटाई-मड़ाई करते समय कुछ आवश्यक सावधानियां बरतकर कोरोना वायरस के संक्रमण से कर सकते हैं आसानी से बचाव
देश ही नहीं अपितु दुनिया भर के लोग जहाँ कोरोना नामक वायरस के संक्रमण से भयाक्रांत हैं तथा इससे बचने के लिए उन्हें घरों में कैद होना पड़ा है वहीं आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को कुछ जरूरी एहितियात बरतते हुए ऐसे कठिन वक़्त में भी अपनी सेवाओं को जारी रखना है. इन सेवाओं के अन्तर्गत कृषि कार्य को भी आवश्यक सेवा मानते हुए सरकार ने किसानों तथा कृषि कार्य में लगे हुए श्रमिकों को कुछ सावधानी बरतते हुए कृषि कार्य करने की अनुमति प्रदान किया है. आज हम सभी देशवासी कोरोना नामक विषाणु के संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन के तहत अपने-अपने घरों में बन्द होकर रह गये हैं। डॉक्टरों व अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि हम- लोगों से अलग-थलग रहकर इस खतरनाक बीमारी के संक्रमण से न सिर्फ अपना बचाव कर सकते हैं बल्कि अन्य लोगों को भी संक्रमित होने से बचा कर इस विश्वव्यापी बीमारी पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। और लोग तो इंटरनेट, कंप्यूटर व फोन के जरिये घरों में रहकर अपना थोड़ा-बहुत काम निबटा सकते हैं परन्तु हमारे किसान भाइयों को तो घर से बाहर निकलकर खेत में जाना ही पड़ेगा. वह भी ऐसे समय में जब उनके साल भर की मेहनत की कमाई, फसल की कटाई व मड़ाई के रूप में, प्राप्त करने का समय हो तो ऐसे में हमारे मेहनतकश किसान भाई भला घरों में कैसे बैठे रह सकते हैं! चूँकि यह रबी फसलों की कटाई का समय है, ऐसे में किसान भाइयों को सामाजिक दूरी बनाकर रखना बहुत ही जटिल कार्य है. वैसे भी पहले कभी इस तरह की बंदिश से शायद हमारे किसान भाइयों को कभी दो-चार नहीं होना पड़ा है, इसलिए ऐसे में किसानों को कुछ आवश्यक सावधानी बरतते हुए बिना किसी भय के सुरक्षित तरीका अपनाकर आसानी से अपने कृषि कार्यों को अंजाम देना चाहिए। वैसे भी कोरोना संक्रमण की महामारी से जूझ रहे देशवासियों को लॉकडाउन के चलते भोजन, सब्जी, दूध व फल की जरूरतों को पूरा करने की  जिम्मेदारी हमारे किसान भाइयों के कन्धों पर ही है. कृषि मौसम प्रक्षेत्र इकाई, आई आई टी रुड़की द्वारा अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन का निरन्तर प्रयास करते हुए ग्रामीण कृषि-मौसम सेवा परियोजना के अन्तर्गत किसान भाइयों को पहले की भांति लॉकडाउन अवधि में भी प्रतिदिन के मौसम आंकड़े, मौसम पूर्वानुमान व कृषि सलाह नियमित रूप से उपलबध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस कड़ी में ग्रामीण कृषि-मौसम सेवा परियोजना के नोडल अधिकारी प्रो० आशीष पाण्डेय- तकनीकी अधिकारी डॉ० अरविन्द कुमार श्रीवास्तव तथा जीकेएमएस टीम के अन्य सदस्यों के साथ इस लॉकडाउन अवधि में जहाँ एक ओर कृषि-मौसम सेवाओं की निरन्तरता के प्रति सजग रहकर कृषि-मौसम सेवाओं को किसानों तक समय से पहुँचाने के लिए प्रयत्नशील हैं वहीं दूसरी तरफ हमारे किसान भाइयों के स्वास्थ्य को लेकर भी फिक्रमंद हैं। इसके तहत जीकेएमएस टीम द्वारा अपने कार्यक्षेत्र के किसानों से व्हाट्सएप, मोबाइल एप, वेबसाइट के अतिरिक्त सीधे फोन करके उन्हें सुरक्षित तरीके से खेती-किसानी के टिप्स प्रदान किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ उनकी परेशानियों से भी वाकिफ होने, उन्हें उचित सलाह देने तथा उनकी हौसला आफजाई का भी प्रयास किया जा रहा है। *ग्रामीण कृषि-मौसम सेवा परियोजना के नोडल अधिकारी प्रो० आशीष पाण्डेय ने दूरभाष पर विशेष बातचीत में* किसानों को कोरोना संक्रमण से बचाव करते हुए सुरक्षित तरीके से रबी फसलों की कटाई/मड़ाई करने हेतु कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिया है. इससे हमारे किसान भाइयों को कोरोना वायरस के संक्रमण से खुद, अपने परिवार व समाज को सुरक्षित रहते हुए कृषि कार्य सम्पादित करने में मदद मिलेगी।
*फसल की कटाई/मड़ाई करते समय निम्न सुरक्षा उपाय अपनाये जाने आवश्यक हैं :-*
•गेहूँ, सरसों, मसूर व अन्य रबी फसलों की कटाई तथा आलू की खोदाई के दौरान किसान भाई/बहन अपने मुंह व नाक को मास्क/गमछे से ढककर रखें.
•सरकार द्वारा तय किए गये नियम के मुताबिक कंबाइन मशीन व थ्रेशर के साथ 3 से अधिक श्रमिक एक साथ न रहें.
•इसके अतिरिक्त ये सभी श्रमिक आपस में कम से कम 3 मीटर की निर्धारित दूरी बनाकर रखें.
•इन श्रमिकों को थ्रेसिंग कार्य पूरा होने तक खेत/खलिहान में ही रहना चाहिए तथा बार-बार घर नहीं जाना चाहिए.
•इन श्रमिकों को नियमित रूप से बीच-बीच में सेनेटाइजर का उपयोग करना चाहिए.
•इसके अतिरिक्त उन्हें अपने हाथों को बीच-बीच में 20 सेकंड तक साबुन से अवश्य धोना चाहिए.
•खेत में काम कर रहे श्रमिकों/किसानों के लिए पीने का पानी व खाद्य सामग्री अलग-अलग बर्तनों में ही देना चाहिए. उन्हें किसी भी हालत में एक ही पात्र में कुछ खाने व पीने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए.
•किसानों द्वारा प्रयोग किये जाने वाले कृषि उपकरणों यथा हंसिया, खुरपा, कुदाल इत्यादि का समय-समय पर सेनेटाइजेशन किया जाना चाहिए. कोशिश हो कि एक किसान के उपकरण का प्रयोग दूसरा किसान न करे।
•कृषि उपकरणों को सैनेटाइज करने के लिए साबुन/डिटर्जेंट के घोल का प्रयोग कर सकते हैं.
•दूसरे गाँव के श्रमिकों को कृषि कार्य हेतु नहीं बुलाना चाहिए. प्रत्येक दशा में उसी गाँव के श्रमिक से कार्य लेना चाहिए. इससे संक्रमण का खतरा नहीं  रहेगा
किसान भाइयों को व्यक्तिगत स्वच्छता के अंतर्गत निम्न बातों का ध्यान रखना आवश्यक है
खेत/खलिहान में काम करने के दौरान एक कपड़े को एक बार ही पहने. दुबारा उन कपड़ों को साबुन से अच्छी प्रकार धोकर व ठीक प्रकार से सुखाकर ही पहनें.
•घर से खेत/खलिहान अथवा खेत/खलिहान से घर जाने के लिए अपनी व्यक्तिगत साइकिल का प्रयोग करें.  एक ट्रैक्टर पर ज्यादा लोग एक साथ कदापि न बैठें.
•खेत/खलिहान में काम करने के दौरान प्रत्येक किसान- अपने पानी का अलग-अलग बर्तन साथ लेकर जाएँ तथा कोशिश करें कि इस दौरान गर्म/गुनगुना पानी का ही प्रयोग करें.
•कार्य के दौरान विश्राम करते समय एक दूसरे से न्यूनतम 3 मीटर की दूरी के नियम का पालन अवश्य करें.
•खाने-पीने में ताजा गर्म भोजन, हरी सब्जियों व उचित मात्रा में फलों का सेवन करें.
•खाने के बर्तन को बर्तन धोने के साबुन से अच्छी तरह साफ करना न भूलें.
*विशेष सलाह :-*
•फसल की कटाई व अन्य कृषि कार्य के दौरान कृषि मौसम प्रक्षेत्र इकाई, आई आई टी रुड़की द्वारा समय-समय पर जारी भारत मौसम विभाग, मौसम केन्द्र, देहरादून से प्राप्त मौसम पूर्वानुमान व कृषि सलाह को अवश्य ध्यान में रखें तथा कृषि परामर्श को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्य सम्पादित करें.
इसके लिए स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों, एएमएफयू द्वारा विकसित मौसम ऍप तथा वेबसाइट www.gkms.iitr.ac.in का नियमित अवलोकन करते रहें.
किसान भाई अपने तथा अपने परिवार, गाँव व समाज को सुरक्षित व स्वस्थ रखने हेतु कोरोना (COVID-19) से बचाव हेतु समय-समय पर सरकार द्वारा जारी किये जाने वाले दिशा-निर्देशों का पालन अवश्य करें.
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