मैं समझता हूँ इस संकट की घड़ी में हर भारतीय को नागरिक कर्तव्य और राष्ट्रधर्म का पालन करना चाहिए। हर नागरिक को आत्म चिंतन करना चाहिए । आजाद भारत में शुरू से ही राजसत्ता के द्वारा एक विशेष वर्ग बनाया गया है । उस वर्ग को संरक्षण और प्रोत्साहन दिया गया । वह विशेष वर्ग सभी जाति और सम्प्रदाय में बनाया गया । उनकी निष्ठा सत्ताधारी दल के प्रति रही । जैसे भीष्मपितामह हस्तिनापुर के कुर्सी पर बैठे व्यक्ति में अपने पिता की छवि देखते थे चाहे वह व्यक्ति अधर्मी और अन्यायी क्यो न हो । उसी तरह देश मे ऐसा वर्ग तैयार किया गया जो नेहरू परिवार में जन्म लेने वाले और उस परिवार के किसी विदेशी में भी नेहरूजी और इन्दिरा जी की छवि देखते रहे, आज भी देख रहे हैं। उनमें चाहे नेहरू जी और इन्दिरा जी का गुण और स्वभाव हो या न हो। इसी तरह क्षेत्रीय दलों का भी चरित्र बनाया गया। युवा वर्ग को गम्भीरतापूर्वक परखना चाहिए। नागरिक होने के नाते सभी को सोचना चाहिए। वर्त्तमान में देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दलों की सरकार हैं। सभी सरकारे इस समय अपने-अपने राज्य के नागरिकों की रक्षा में लगे हुए हैं। परन्तु लॉक डाउन तो राष्ट्रीय स्तर पर है। सभी श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास कर रहे हैं। इस समय कोई भी मुख्यमंत्री एक राज्य का नही है बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र का हैं। कारण सभी राज्यों के नागरिक पूरे देश मे हैं। इस समय कुछ मुख्यमंत्री सस्ती लोकप्रियता और अपने राज्य के लोगो को खुश करने के लिए राष्ट्रीय हितों की अनदेखी कर रहे हैं। हो सकता हैं उनमें से किसी को राष्ट्र का नेतृत्व करने का अवसर मिल सकता हैं। एक सम्प्रदाय, एक दल, एक जाति और एक विचार वालो के प्रतिनिधि बनकर वे राष्ट्र का नेता नही बन सकते। एक दो मुख्यमंत्री के निर्णय और व्यवहार के कारण पूरे देश में असंतोष और उत्तेजना फैल गई हैं। जिस प्रदेश के नागरिक जहाँ कही है उन्हें वही सुरक्षा दी जाए। भगदड़ मचाने से राष्ट्र भयंकर संकट में फंस सकता हैं। श्री नरेन्द्र मोदी पूर्ण निष्ठा के साथ सम्पूर्ण राष्ट्र के नागरिकों की रक्षा में लगे हुए हैं। वे सर्वधर्म समभाव की भावना से राष्ट्र का गौरव बढ़ा रहे है। वे विशेष निमित्त बन कर आये हैं।
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