मुरादनगर यूसुफ खान । जनपद गाजियाबाद के मुरादनगर में स्थित आयुध निर्माणी, परिसर मैं ऐसा ही मामला सामने आया है पूरे देश में लॉक डाउन के चलते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर सफाई कर्मचारी व ट्रेक्टर ड्राइवर के साथ कुछ महिला कर्मचारी भी अपना कर्तव्य निभा रही है। वही जमा खोर ठेकेदार उन पर अत्याचार करने से बाज नहीं आ रहे हैं यह सभी कर्मचारी काफी वर्षों से आयुध निर्माणी परिसर में कार्य कर रहे हैं इन को मिलने वाला वेतन अलग-अलग स्टेजो पर है मगर ठेकेदार अपनी दबंगई दिखाते हुए सभी कर्मचारियों को तीन सो रुपए प्रतिदिन का भुगतान कर रहा है जब कर्मचारियों ने इसका विरोध किया तो ठेकेदार का सुपरवाइजर  कर्मचारियों को काम से हटाने की धमकी देने लगे सफाई कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि  कोरोना वायरस जैसी भयानक बीमारी। के चलते। हम यहां कार्य कर रहे हैं  हमारे सुरक्षा के लिए ना सैनिटाइजर है और मास्क भी नही है सवाल यह उठता है की ऐसी भयानक बीमारी के चलते इन कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किन के कंधों पर है इन कर्मचारियों को कोरोना वायरस जैसी बीमारी से बचाने के लिए ठेकेदार ही नहीं आयुध निर्माणी परिसर पर भी है आयुध निर्माणी के अधिकारियों जानना चाहा की ठेकेदार के सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा व कम वेतन मिलने की जिम्मेदारी किसकी बनती है अधिकारी अपना पल्ला झाड़ते नजर आए अब सवाल ये उठता है अगर  कर्मचारी  कोरोना जैसी बीमारी चपेट में आ जाते हैं इनके परिवार की जिम्मेदारी आयुध निर्माणी परिषद लेगा या ठेकेदार लेगा।
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