नही आया जब कोई अंतिम संस्कार को आगे तो महिलाओं ने कसी कमर ।
बबिता डागर ने किया प्रयास तो ममता सिंह ने श्मशान जाकर कराया गरीब बे सहारा रिक्सा वाले का अंतिम संस्कार ।
शांति नगर ढूंढा हेड़ा (विजय नगर गाजियाबाद)निवासी रिक्शा चालक रामू की मृत्यु हो गई वह शांति नगर कालोनी में रहता था । अपना व अपने परिवार का भरण पोषण रिक्शा चलाकर करता था । आज सुबह उसकी मृत्यु होने पर किसी आस पड़ोस के लोगो में से उसके परिवार की सहायता को कोई भी आगे नही आया । इस घटना की जानकारी चौधरी बबीता डागर को हुई तो उन्होंने रामू के अंतिम संस्कार के लिए काफी लोगो को मानवता के लिए सहयोग करने के लिए सामाजिक संस्था व सामाजिक ग्रुपों पर मैसेज किया व फोन कर मदद मांगी । पर ना तो कोई समाज सेवक आगे आया और ना ही कोई NGO और संस्था,किसी ने भी कोई मदद नही की, और जब आनन्द सेवा समिति की अध्य्क्ष ममता सिंह को चौधरी बबिता डागर ने फोन पर जानकारी दी तो उन्होंने बिना कुछ सोचे समझे चंद मिनटों में वहाँ आकर उसके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू करा दी । पुरुषों को बुलाने पर भी वो नही आये तो इन महिलाओं ने ही अंतिम यात्रा शरूकी । इतना ही नही आज इन दोनों महिलाओं ने नया इतिहास रचा और किसी अनजान व्यक्ति के लिए समशान घाट जाकर वहां रामु की अंतिम क्रिया का कार्य पूर्ण कराया,और उसको अंतिम विदाई दी । ममता सिंह जैसी महिला ने इस बात से आम जनता को ये पैगाम दिया है कि इंसानियत को इंसानियत के काम आना चाहिए फिर चाहे वो अपने हो या पराये, चौधरी बबिता डगर व ममता सिंह ने आज इंसानियत का एक नया इतिहास लिख दिया।

तरीकत चौधरी
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