रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार के साथ में रुड़की से इमरान देशभक्त की रिपोर्ट
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                 किसी भी देश की आर्थिक समृद्धि का आधार उस देश का स्वदेशी व्यापार होता है। ऐसे में अगर नागरिक सच्ची देशभक्ति दिखाते हुए अपने ही देश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग करें,तो राष्ट्र की प्रगति को कोई रोक नहीं सकता।उन्होंने कहा कि आज़ादी के वक्त 733 विदेशी कंपनियां भारत में सक्रिय थी,आज सरकार की विदेश नीतियों के चलते करीब सात हजार विदेशी कंपनियां भारत में व्यापार कर रही हैं,जिनका सारा पैसा विदेशों को चला जाता है।हम कुछ पैसे बचाने के लिए ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं तो इसकी भी बड़ी कीमत हमें चुकानी पड़ती कानी पड़ती है।ऑनलाइन खरीदारी का पैसा विदेशों में चला जाता है और दूसरा हमारे अपने बाजारों में बैठे व्यापारी भाईयों की बिक्री कम होती है।उनके रोज़गार घाटे में चले जाते हैं।नीरज सिंह ने कहा कि मैं जानती हूं कि एक ही दिन में सब कुछ नहीं बदला जा सकता,लेकिन हम शुरुआत में कोई भी दस स्वदेशी वस्तुएँ अपने दैनिक जीवन में अपनाना शुरू कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि आज स्वदेशी आंदोलन को तेज़ गति से चलाने की जरूरत है और समाज के आखिरी व्यक्ति तक इस आंदोलन को पहुंचाने की जिम्मेदारी हम सबकी की है।
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