गाजियाबाद । गाजियाबाद में न्यायालय परिसर में कोविड-19 की दस्तक के बाद पूरे न्यायालय परिसर को कंटेनमेंट जोन-2 में शामिल करते हुए 26 जून से 9 जुलाई तक यानी 14 दिन के लिए सील कर दिया गया था। लेकिन 26 जून की शाम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा दी गई आख्या के बाद जिला जज ने पुराना आदेश रद्द करते हुए नया आदेश जारी किया है। जिसमें 29 जून यानी सोमवार से न्यायालय में सभी विधिवत न्यायायिक कार्य किए जाने के लिए आदेशित किया गया है।मामले की जानकारी देते हुए बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हरप्रीत सिंह जग्गी ने बताया कि न्यायालय परिसर में 2 अधिवक्ताओं को कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया था। जिसके बाद जिला जज द्वारा पूरे न्यायालय परिसर को कंटेनमेंट जोन- 2 में शामिल करते हुए 14 दिन के लिए समस्त न्यायालय परिसर को सील कर दिया गया था। लेकिन 26 तारीख की शाम मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा आख्या देते हुए बताया गया कि 14 दिन कार्यालय बंद किए जाने की आख्या रिहायशी इलाके को ध्यान में रखते हुए दी गई थी। लेकिन न्यायालय या न्यायायिक कार्य कार्यालय के अंतर्गत आता है। जिसके लिए मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के आदेश हैं कि यदि किसी कार्यालय परिसर में कोरोना से पीड़ित पाया जाता है तो उस परिसर को 24 घंटे के लिए सील करते हुए सैनिटाइजेशन की कार्रवाई की जाए। इसलिए उस आदेश को ध्यान में रखते हुए पहले दी गई आख्या को संशोधित करते हुए 26 जून की शाम से न्यायालय परिसर को अनसील करते हुए सामान्य न्यायिक गतिविधियों को संचालित करने की संस्तुति की गई है। यानी अब 29 जून सोमवार से सभी न्यायायिक कार्य सुचारू रूप से किए जाएंगे।

*दमकल विभाग के द्वारा किया गया सेनेटाइज*

इस मामले में फायर ऑफिसर सुनील कुमार ने बताया कि दमकल विभाग की टीम के द्वारा कोविड-19 महामारी को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को कुल 15 स्थानों को सैनिटाइज किया गया है। जिनमें सबसे पहले न्यायालय परिसर में प्राथमिता पर रहा है।

*बेल कराने वाले लोगों को मिलेगी राहत*

अधिवक्ता हरप्रीत सिंह जग्गी और खालिद खान ने बताया कि न्यायायिक कार्य बंद किए जाने से वे लोग ज्यादा प्रभावित हो रहे थे, जिनकी बेल होनी थी। जिला जज के द्वारा न्यायालय परिसर को अनसील करते हुए 29 जून से जो न्यायायिक कार्य किए जाने के आदेश दिए गए हैं। इससे उन लोगों को बेहद राहत महसूस होगी जो लोग जेल में बंद हैं।
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