रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार
9410563684



                                      हर महामारी अपने साथ ऐसा  दौर लेकर आती है,जिसके लिए हम सामान्य दिनों में तैयार नहीं होते है,कोविड-19 वैश्विक महामारी से भारत ही नहीं विश्व के अनेक देशों विशेष  रूप से  विकसित देशों में हज़ारों लोगो को  मौत की नींद में सुला दिया है, इस महामारी का संपूर्ण मानव जाति पर  प्रत्यक्स  जैविकीय प्रभाव है,लगभग सभी देशों की सरकारें  कोरोनॉ संक्रमण रोकने के लिए लॉक डाउन लगाकर  आर्थिक,सामाजिक,धार्मिक, शैक्षिणिक और  संस्कृतियों गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी,ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के  अनुसार  कोरोनॉ महामारी के इस वैश्विक संकट के समय जिस तरह भारत ने दवाओं और खाद्द पदार्थो सहित कई  वस्तुओ का  निर्यात कर जरूरतमंद देशो को राहत  दिलाई है,उससे भारत के लिए नई निर्यात संभावनाएं बन रही है,यह महामारी वैश्विक निर्यात की दिशा को बदलने और इस बदलाव में  भारत के लिए निर्यात बढ़ाने और विनिर्माण के    फील्ड का नया केंद्र बनाने के अपार संभावनाएं लेकर आई है ,क्योकि चीन  में कार्यरत कई  अमरीका और जापान की कंपनियां चीन के तत्कालीन  व्यहार व् नीतियों से काफी क्षुब्द है इसलिए ये कंपिनिया अपने विनिर्माण का काम पूरी तरह या आंशिक रूप से दूसरे देशों में   ट्रांसफर की तैयारी कर रही है इन  कंपनियों को आकर्षित करने के लिए भरत विशेष प्रयास कर रहा है।मार्च 2020 की  शरूआत मे  भारत ने एक बड़ा फैसला किया कि अब दवा उत्पादन हेतु  चीन से आने वाले कच्चे माल का उत्पादन  भारत ,देश के भीतर  करेगा ।इसके लिए सरकार ने दो हज़ार  करोड़  व्यय करने की याजोन बनाई है भारत को निर्यात प्रधान अर्थव्यवस्था बनाने के लिए देश के निर्यातकों की मिश्किलो को दूर करने उन्हें निर्यात  बढ़ाने की हर संभव सहायता व्  रियायत  दिए जाने की   जरुरत है ताकि  भारत की   निर्यातक  इकाईया लॉकडाउन के दुष्प्रभावों से मुक्त होकर दुनिया के बाज़ार में अपनी  विष्वसनीयता बनायेऔर इसका फायदा देश के अर्थव्यस्था को प्रत्यक्स व् अप्रत्यक्स दोनों रूपो में  प्राप्त होगा।
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