रिपोर्ट ब्रह्मानंद चौधरी ब्यूरो चीफ हरिद्वार
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 आज संपूर्ण विश्व कोरोनॉ -19,महामारी से झूज रहा है।कोविड-19 ने चारो तरफ हाहाकार मचा रखा है,मज़दूर व् मध्यम वर्ग  ज्यादा प्रभावित है।बहराल आज पूरे देश की अर्थव्यवस्था  ने घुटने टेक दिए है।हमे  कोविड-19 से  एतियात  बरतते  हुए बचना है,और इसके साथ रहने की आदत डाल लेनी  चाईए। साथ ही साथ मौसमी बीमारियों से अपने आप को  बचाना है।इस मौसम में मक्खी,मच्छर, का प्रकोप ज्यादा बढ़ जाता है,जिससे डेंगू,मलेरिया,चिकिनगुनिया, की संख्या बढ़ जाती है।जिनके लक्षण कोविड-19 से मिलते जुलते है।ऐसी  विषम परिस्थतीयो में क्या-क्या सावधानिया व् एतियात  बरतनी है ÷ एएनएम मोनिका की राय÷ मानसून में संक्रामक रोगों के साथ वेक्टर वाहक बीमारी का खतरा भी अधिक  होता है।वेक्टर वाहक जैसे ,मक्खी,मच्छर,व् कीटाणु से फैलने वाले रोग।इसलिए  लक्षणों को सही से  समझते हुए उचित जाँच व् उपचार करना बेहद  जरूरी है।बरसात का मौसम बीमारियों को आमंत्रित करने का मौसम है,क्योंकि इस मौसम में बारिश से कई स्थानों पर  जलजमाव, कीचड़ , गन्दगी से पैदा होने वाले मच्छर,व् बैक्टीरिया कई प्रकार  की बीमारियां फैलाते है।अधिक गर्मी और दूसरे दिन ठंडक भरा मौसम को न्योता देता है। ऐसे मौसम में निकलने से पहले शरीर को तापमान झेलने लायक  बने  ले।मानसून के नमी और उमस भरे  माहौल में  कोरोनॉ के फैलने  का खतरा बढ़ जाता है।मानसून में  वातावरण में  नमी की मात्रा अधिक होने से  संक्रमित  व्यक्ति के खाँसने व्  छीकेंने से निकलने वाली ड्रोप्लेट्स को सूखने में ज्यादा  समय लगता है,व् संक्रमण  फलने का खतरा बढ़  जाता है। वही नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ़  Virology  पुणे जा मनना है कि यह कहना जल्दबाजी होगी ,कि मानसून कोरोनॉ को कैसे प्रभावित करेगा । दिल्ली स्थित आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के निदेशक  डॉ रणदीप गुलरिया के अनुसार  इस बात की आंशका कम है,कि मानसून का कोरोनॉ  वायरस के प्रसार में कोई बड़ा असर पड़ेगा।अक्षर हम  सर्दी, ख़ासी,थकान,सिरदर्द,हल्का बुखार जैसे लक्षणों को सामान्य बात समझकर नज़रंदाज़ कर देते है,लेकिन इस समय सभी सतर्क है। चूकि इस समय  कोविड-19 का प्रकोप है।इस कारण किसी भी तरह का बुखार डर व् उलझन पैदा कर सकता है।                      1•मलेरिया÷ यह रोग मादा  एनफ्लिएज  मच्छर के  काटने से होता है।जब  यह मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तो उसके रक्त में प्लासमोडियम परजीवी को छोड़ देता है,यह परजीवी  लिवर में  विकसित होकर  कुछ दिनों बाद लाल रक्त कणिकाओं को संक्रमित करने लगता है।।         सामान्य लक्ष्ण÷ •तेज बुखार,•सिरदर्द•अत्यधिक पसीना आना• मासपेशियों में दर्द होना•जी मिचलाना•उलटी होना•खासी आना।                       बचाव के उपाय÷•आस पास पानी का जमाव न होने दे •ऐसे कपडे पहने जिससे  शरीर पूरी तरह से  ढका रहे। •मच्छरदानी में सोए •उबला हुआ पानी पियें•अपने घर के टॉयलेट व् बाथरूम साफ़ सुथरा रखे।   2●डेंगू÷ डेंगू को ब्रेक बोन फीवर भी कहते है । डेंगू का बुखार  adiesh Azapti मच्छर के काटने से होता है। लकिन डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ़ पानी में पनपते है।                                 सामान्य लक्ष्ण÷ •अचानक तेज बुखार आना• सिरदर्द• जी मिचलाना• उल्टी होना• अत्यधिक बेचैनी  घबराहट होना• हड्डियो और जोड़ो में दर्द।                      बचाव के उपाय ÷Adies  मच्छर सुबह शाम अधिक सक्रिय रहता है। इस समय बहार निकलने से  बचे।•शरीर को  अच्छे से ढककर रखे• आस पास साफ़ पानी जमा न होने दे।•घर में टब,बाल्टी या  किसी बर्तन में पानी को ढककर रखे।• कूलर की  नियमित सफाई करे• भीड़ वाली जगहों पर जाने स्व  बचे।                                   3●चिकुनगुनिया ÷चिकुनगुनिया के  लक्ष्ण मच्छर के काटने से 2-7 दिनों में  दिखाई देते है।                                    सामान्य लक्ष्ण÷ सिरदर्द•थकान• मासपेशियों में दर्द• त्वचा पर रसेस पद जाना• उल्टी होना,•घुटने में तेज दर्द।               बचाव के उपाय÷मानसून के मौसम में शरीर को ढककर  रहे।दरवाजो व् खिड़की पर जाली जरूर लगाएं।फ्लावर पॉट या अन्य  बर्तन में  पानी भरकर न रखे।
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