पत्रकार क्या हुई तेरी जिंदगी दूसरों के लिए जिया तो कुछ नहीं हुआ । 
अपनों के लिए जिया तो हो गया गुमशुदा । मेरे भाई अलविदा -: मौ.हसन खान संपादक करीना टाईम्स 


गाजियाबाद। गाजियाबाद में बदमाश इतने बेखौफ हो गए हैं कि वह पत्रकारों पर भी गोली चलाने लगे हैं । दरअसल गाजियाबाद में पत्रकार ने अपनी भांजी के छेड़ने की तहरीर पुलिस को दी थी । पुलिस ने न उसमें कार्यवाही की और न ही किसी की गिरफ्तारी की । जिसका खामियाजा पत्रकार को जान देकर भुगतना पडा । तहरीर देने से नाराज बदमाशों ने पत्रकार को गोली मार दी थी । जिसमें  पत्रकार की आज सुुबह मौत हो गई  जिससे पत्रकारो मे शोक की लहर दौड़ गयी।  
यह तस्वीर गाजियाबाद के पत्रकार विक्रम जोशी की है। विक्रम जोशी का कसूर बस इतना था जिसकी भांजी को लगातार छेड़ा जा रहा था और जिनको जो लगातार छेड़ रहे थे । उसकी तहरीर थाने में दी थी। तहरीर देने से नाराज बदमाशों ने विक्रम  जोशी को गोली मार दी। विक्रम के सिर में गोली लगी थी वह गंभीर हालत में यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया था । अब सवाल ये उठता है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो शायद आज विक्रम जोशी की अस्पताल में मौत न होती ।

वही परिजनों का भी कहना है कि अगर विक्रम की तहरीर पर कार्रवाई हुई होती तो आज यह घटना ना होती विक्रम की भांजी को लगातार छेड़ा जा रहा था और उसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की ।

गौरतलब है कि गाजियाबाद में बदमाश लगातार हावी हो रहे हैं और पुलिस हाथ पर हाथ रख कर बैठी है । अब बदमाश पत्रकारों को भी अपना निशाना बनाने लगे हैं । इसके बाद ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं पुलिस की कमजोरी है पुलिस की से है जिसके बाद बदमाश इतने बेखौफ हो गए हैं जो पत्रकारों को भी निशाना बना लेने में भी कोई गुरेज नहीं। 
सभी भाइयों को सूचित करना है कि सुबह यशोदा हॉस्पिटल में विक्रम भाई की इलाज के दौरान डेथ हो गई है जितने ही हमारे भाई हैं ज्यादा संख्या में यशोदा हॉस्पिटल कृपा करें
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