मुरादनगर . हम लोग कोविड-19 के सबसे खतरनाक दौर में पहुंच गए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा आश्चर्य और दु:ख की बात यह है कि लोग इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं ।
नेशनल इंटिग्रेटिड मैडिकल एसोसिएशन (नीमा)  मुरादनगर के चिकित्सकों ने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि जिस समय सरकार के द्वारा लॉकडाउन किया गया था उस समय इंफेक्शन का खतरा बहुत कम था क्योंकि केस बहुत कम थे।  हम दुकान के 2 गज की दूरी पर गोलाई बनाकर उसमें ग्राहकों को खड़ा करते थे ...क्या इसलिए कि जिला प्रशासन का पहरा था ।परंतु इस वक्त देखने में आ रहा है कि दुकानों पर लोग एक दूसरे के ऊपर भीड़ लगाए खड़े रहते हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते हैं ।
 नीमा नगर अध्यक्ष डॉ राजपाल तोमर ने कहा.. भाइयों अब क्योंकि मामले बहुत बढ़ गए हैं किसी भी इंफेक्शन का खतरा बहुत अधिक बढ़ गया है ।हम कोरोना स्टेज तीन में है या प्रवेश करने वाले हैं ।  और हम लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं कर रहे हैं, हम मास्क भी नहीं लगा रहे हैं ,आरोग्य सेतु एवं आयुष सुरक्षा कवच एप का प्रयोग भी बहुत ही कम लोग कर रहे हैं।हम लोग अभी भी लापरवाह है ।लोगों याद रखो आप की लापरवाही से कोरोना  संक्रमण भयावह हो सकता है।
डॉ फहीम सैफी नीमा नगर महासचिव ने कहा .. हम कोरोना से संबंधित बुनियादी सिद्धांतों का पालन भी नहीं कर रहे हैं ,यह इस प्रकार है कि जब दुश्मन के आने का अंदेशा था तो हम सब बंदूक लिए तैनात थे और अब- जब दुश्मन सर पर आ गए हैं तो हम बंदूक को कोने में रखकर लापरवाही से इधर उधर टहल रहे हैं। यह बहुत दु:खद स्थिति है और हमें यह भी याद रखना चाहिए कि "प्रीवेंशन इस बेटर देन क्योर ".
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