कलछीना टाईम्स प्रशांत तोमर
लोनी । गाजियाबाद में जनसागर टुडे के पत्रकार विक्रम जोशी की कुछ बदमाशों ने बीच सड़क पर सर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि पत्रकार द्वारा पुलिस को कई बार सूचना देने के बावजूद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और उन्हें अपनी जान देकर अपनी परिजनों की इज्जत बचानी पड़ी।
गाजियाबाद में हुई पत्रकार की हत्या को लेकर कई विपक्षी पार्टियों ने भी  प्रदेश सरकार को कोसा और कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े किए और तो और कई पार्टियों के नेताओं ने प्रदेश सरकार की रामराज को जगह जंगलराज बताया। वैसे अगर बात करें तो सिर्फ एक गाजियाबाद में पत्रकार की हत्या नहीं हुई इसके अलावा भी प्रदेश के कई जिलों में पत्रकारों के साथ अभद्रता और मारपीट की घटनाएं हुई हैं। देश का चौथा स्तंभ कहे जाने बालों पर ही अगर अत्याचार होगा तो आम जनता को न्याय कैसे मिल पाएगा। फिर सोच लो की बात है जब से प्रदेश में भाजपा सरकार आई है तब से  अपराध का ग्राफ पूरी तरह से बड़ा है और इस पर अभी तक सरकार नियंत्रण नहीं कर पाई। 
मै आम आदमी पार्टी की जिला उपाध्यक्ष भावना बिष्ट शासन और प्रशासन से यह आग्रह करती होती कि जिला गाजियाबाद में विक्रम जोशी की हत्या में शामिल अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। क्योंकि पत्रकार है रात दिन मेहनत करके और अपनी जान हथेली पर रखकर खबरों की कवरेज कर  सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों व जनता तक पहुंचाते हैं।और उन्ही के साथ अगर ऐसा जुल्म हो तो कैसे कोई बर्दाश्त करेगा। सरकार के द्वारा जो उनके परिवार को सहायता राशि का ऐलान किया गया था  वह जल्द से जल्द उनके परिवार को दिया जाना चाहिए।और जो भी उनके परिवार के लिए  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा घोषणा की गई है उन पर तुरंत अमल करते हुए परिवार को पूरी तरह से सहयोग करना चाहिए। इसके साथ-साथ प्रदेश में कानून व्यवस्था भी मजबूत होनी चाहिए जिससे प्रदेश में और कोई विक्रम जोशी जैसे किसी पत्रकार के साथ इस तरह की घटना नाऋ कर सके। इस मामले में भी पुलिस का रवैया अगर ठीक रहता तो शायद विक्रम जोशी को अपनी जान नहीं गवानी पड़ती।
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