मध्य प्रदेश के राज्यपाल और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे लालजी टंडन जी का निधन हो गया है। मंगलवार सुबह उनके बेटे आशुतोष टंडन जी ने इस बात की पुष्टि की। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. नीरज कौशिक ने सांसद कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि लालजी टंडन जी कई दिनों से बीमार थे, अस्पताल में भर्ती थे यही कारण था कि मध्य प्रदेश के राज्यपाल का कार्यभार आनंदीबेन पटेल को सौंप दिया गया था। लालजी टंडन जी के निधन के बाद यूपी में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है.

बागपत लोकसभा के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह जी ने भाजपा के वरिष्ठ नेता, कुशल संघटनकर्ता, हजारों कार्यकर्ताओं के प्रेरणा स्रोत और मध्य प्रदेश के मा. राज्यपाल श्री लालजी टंडन जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी पुण्य आत्मा को शांति मिले तथा सभी परिवारजनों, सगे-संबंधियों-मित्रों को इस असहनीय दुःख को सहन करने का संबल प्रदान करें। सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह जी ने कहा कि लालजी टंडन को उनकी समाज सेवा के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को उत्तर प्रदेश में मजबूत बनाने में अहम रोल निभाया, वह जनता की भलाई के लिए काम करने वाले नेता थे। लालजी टंडन को कानूनी मामलों की भी अच्छी जानकारी रही उन्होंने अटलजी के साथ उन्होंने लंबा वक्त बिताया।

डॉ नीरज कौशिक ने बताया कि उत्तर प्रदेश के एक कद्दावर शख़्सियत लालजी टंडन के निधन का समाचार बहुत पीड़ादायक है। उनका लम्बा सार्वजनिक जीवन जनता की सेवा में समर्पित रहा और उन्होंने अपने काम से एक अलग छाप छोड़ी है। स्वभाव से बेहद मिलनसार टंडनजी कार्यकर्ताओं के बीच भी बेहद लोकप्रिय थे। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने जो विकास कार्य कराये उसकी सराहना आज भी लखनऊ और उत्तर प्रदेश के लोग व भाजपा कार्यकर्त्ता करते हैं।

डॉ. नीरज कौशिक ने बताया कि लालजी टंडन काफी लंबे वक्त से बीमार थे। उन्हें सांस लेने में परेशानी थी और किडनी में दिक्कत थी। यही कारण रहा कि पहले उन्हें 11 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर उनका ऑपरेशन भी किया गया। लखनऊ के मेदांता अस्पताल में लगातार बड़े डॉक्टर उनकी देखभाल में जुटे हुए थे, हालांकि उनकी हालात लगातार गंभीर बनी हुई थी। लालजी टंडन को पिछले साल जुलाई में ही मध्य प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया था, लेकिन इसी साल पिछले महीने तबीयत खराब होने के कारण आनंदीबेन पटेल को अतिरिक्त कार्यभार दे दिया गया।
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